उत्तराखण्ड
निरंकारी श्रद्धालुओं ने समर्पण दिवस पर बाबा हरदेव सिंह जी महाराज को अर्पित किए श्रद्धा सुमन
हल्द्वानी
कार्यक्रम में स्थानीय प्रचारक श्री प्रकाश चंद्र पांडेय ने सत्संग को संबोधित करते हुए कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का संदेश स्पष्ट है कि बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के प्रति सच्चा प्रेम तभी सार्थक है, जब उनकी शिक्षाओं को जीवन में उतारा जाए। उन्होंने कहा कि बाबा जी ने जो सिखलाइयाँ दीं, उन्हें केवल याद करना ही नहीं, बल्कि अपने आचरण में धारण करना ही वास्तविक समर्पण है।
उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति प्रेम और सत्कार दिखावे के लिए नहीं, बल्कि हृदय की सच्चाई से होना चाहिए। बाबा जी की शिक्षाओं को केवल विशेष दिवसों या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनसे नित्य प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।
प्रचारक श्री पांडेय ने आगे कहा कि सच्चा आदर और प्रेम केवल वाणी से नहीं, कर्मों से प्रकट होता है। आत्म-विश्लेषण कर यह देखना आवश्यक है कि क्या हम वास्तव में विनम्रता, क्षमा और प्रेम जैसे गुणों को अपने जीवन में अपना रहे हैं। समर्पण दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि यह आत्ममंथन का अवसर है कि क्या हम बाबा जी की शिक्षाओं को अपने जीवन से जोड़ पाए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रेम, एकता, मानवता और विनम्रता को अपने भीतर बसाकर ही इस दिवस को सार्थक बनाया जा सकता है। यही बाबा जी के प्रति सच्चा आदर और समर्पण होगा।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने श्रद्धेय अवनीत जी का स्मरण करते हुए उन्हें एक सच्चा गुरसिख बताया, जिन्होंने अपने आचरण से समर्पण की मिसाल प्रस्तुत की।
समर्पण दिवस के अवसर पर आयोजित सत्संग कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की याद में विचार, गीत, कविता और भजनों के माध्यम से उनकी करुणा, प्रेम और समर्पण को जीवंत किया। इस अवसर पर उपस्थित संगत ने बाबा जी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और उनके दिव्य जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प दोहराया।
