उत्तराखण्ड
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय सैनिकों व परिजनों के लिए प्रतिबद्ध

उत्तर भारत एरिया हेडक्वार्टर, बरेली के सैनिक सुविधा परिसर स्थित कारगिल हॉल में आयोजित शैक्षणिक जागरूकता कार्यक्रम में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने सेना अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिजनों के साथ संवाद कर अपनी शैक्षणिक, रोजगारपरक एवं कौशल विकास योजनाओं की जानकारी साझा की। यह कार्यक्रम बरेली सहित 14 अन्य केंद्रों में एक साथ आयोजित हुआ।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि आज शिक्षा केवल डिग्री का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और करियर निर्माण का आधार बन चुकी है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय सैनिकों, पूर्व सैनिकों व उनके परिजनों को लचीली व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष प्रयासरत है।
प्रो. लोहनी ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक नवाचारों, डिजिटल शिक्षा, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों, मान्यता, नैक मूल्यांकन, डिग्री समकक्षता एवं विधिक स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कुमाऊं रेजिमेंट व बंगाल इंजीनियर्स के साथ एमओयू का उल्लेख कर कहा कि इससे जवानों व परिजनों को उच्च शिक्षा व कौशल विकास से जोड़ना आसान हो रहा है। विश्वविद्यालय जवानों की सेवा परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अध्ययन केंद्र विकसित करने को प्रतिबद्ध है।
कुलपति ने गर्व से कहा कि विश्वविद्यालय के 61 देशों में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो इसकी वैश्विक गुणवत्ता का प्रमाण है। शिक्षा-कौशल का समन्वय ही भविष्य के अवसर खोलेगा।
क्षेत्रीय सेवा निदेशालय की निदेशक प्रो. गिरिजा पांडे ने पीपीटी के माध्यम से पाठ्यक्रम, मान्यताएं व सुविधाओं की जानकारी दी तथा रोजगारपरक कार्यक्रमों पर जोर दिया। कुलसचिव खेमराज भट्ट ने सेना अधिकारियों का आभार माना। संयोजन लेफ्टिनेंट कर्नल किनसक उकिल ने किया। बरेली के अलावा उत्तराखंड के 14 सैनिक केंद्रों से अधिकारी, जवान व परिजन ऑनलाइन शामिल हुए।

