उत्तराखण्ड
आदि शक्ति माँ अवंतिका’ पुस्तक का भव्य विमोचन, श्रद्धा और संस्कृति का अनूठा संगम

कार्यक्रम में धर्म, समाज और उद्योग जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर सेंचुरी मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा, दिगम्बर अखाड़ा अयोध्या से पधारे बैरागी संत देवदास महाराज, माँ अवंतिका मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती, आचार्य पंडित चन्द्रशेखर जोशी, चन्द्रा खाती, गोपाल दत्त जोशी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पुस्तक विमोचन के अवसर पर सेंचुरी मिल के सीईओ अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि माँ अवंतिका मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, ऊर्जा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है। उन्होंने कहा कि लेखक रमाकान्त पन्त ने पुस्तक के माध्यम से माँ अवंतिका के आध्यात्मिक महत्व, लोकआस्था और क्षेत्रीय इतिहास को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। उन्होंने इसे संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करेगी।
सेंचुरी मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा ने कहा कि यह पुस्तक लालकुआँ क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास का एक अनमोल दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि माँ अवंतिका के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था को लेखक ने अपनी लेखनी के माध्यम से जीवंत रूप दिया है। यह पुस्तक समाज में सकारात्मक ऊर्जा, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संचार करेगी।
माँ अवंतिका मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती ने कहा कि मंदिर समिति और समस्त श्रद्धालुओं के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि माँ अवंतिका के पावन धाम पर इतनी विस्तृत और प्रामाणिक पुस्तक लिखी गई है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी माँ अवंतिका के इतिहास, महिमा और प्रताप को जानने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
समारोह श्रद्धा, संस्कृति और साहित्य के अद्भुत संगम का साक्षी बना तथा उपस्थित जनसमूह ने लेखक रमाकान्त पन्त के इस प्रयास की सराहना करते हुए पुस्तक के व्यापक प्रसार की कामना की।
