उत्तराखण्ड
राज्यपाल ने नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया समापन
पवनीत सिंह बिंद्रा
मसूरी
राज्यपाल ने समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए नागरिक प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा, “एकजुटता और तालमेल हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, जिसे हर स्तर पर सशक्त करना होगा।”
नागरिक-सैन्य समन्वय को बताया राष्ट्रशक्ति का कवच
राज्यपाल ने नागरिक-सैन्य समन्वय को राष्ट्रशक्ति का अभेद्य कवच बताया। उन्होंने कहा कि सैनिक का साहस और प्रशासक की रणनीतिक क्षमता एक साथ आने पर राष्ट्र की सुरक्षा और प्रगति को नई दिशा मिलती है। सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई देते हुए इसे अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
21वीं सदी में इस समन्वय की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के लिए सुरक्षित राष्ट्र का निर्माण आवश्यक है। राज्यपाल ने कहा कि आंतरिक-बाह्य सुरक्षा मजबूत होने पर ही विकास योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचता है।
आत्मनिर्भर भारत और रक्षा स्वदेशीकरण पर बल
राज्यपाल ने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। अब भारत केवल प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर दिशा-निर्देश देने वाला राष्ट्र बन रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से समन्वय, संवाद और संपर्क को कार्यशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान बने संबंध भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने विभिन्न क्रियाकलापों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किए। इस अवसर पर अकादमी निदेशक श्रीराम तरणिकांति, संयुक्त निदेशक षणमुख प्रिया मिश्रा, कोर्स समन्वयक डी. महेश सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।


