उत्तराखण्ड
राज्यपाल ने पर्यटन सुविधाओं और नैनी झील विकास पर हितधारकों से किया मंथन

बैठक में राज्यपाल ने कहा कि नैनीताल का प्राकृतिक सौंदर्य और नैनी झील देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। उन्होंने पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि समय की मांग के अनुरूप आधुनिक अवस्थापना सुविधाओं का विकास जरूरी है। राज्यपाल ने पर्यटन क्षेत्र में मॉडर्नाइजेशन और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।
पार्किंग और यातायात व्यवस्था को लेकर राज्यपाल ने कहा कि टनल पार्किंग, मल्टीस्टोरी पार्किंग और रोपवे जैसी परियोजनाओं के माध्यम से समस्या का समाधान किया जा सकता है तथा इस दिशा में प्रयास जारी हैं।
बैठक के दौरान होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शहर की पार्किंग क्षमता बढ़ाने, ट्रैफिक व्यवस्था सुदृढ़ करने, रक्षा संपदा की भूमि को पार्किंग के रूप में विकसित करने, पुराने होटलों के पुनर्निर्माण की स्वीकृति देने, कुमाऊं क्षेत्र के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू करने तथा नैनीताल को हेली सेवाओं से जोड़ने जैसे सुझाव राज्यपाल के समक्ष रखे।
राज्यपाल ने सभी सुझावों और समस्याओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि संबंधित विभागों, स्थानीय प्रशासन, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री स्तर पर भी इन विषयों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ प्रस्तावों पर पहले से कार्यवाही चल रही है।
इसके बाद बोट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में नैनी झील में नौका संचालन से जुड़ी चुनौतियों और सुविधाओं पर चर्चा की गई। राज्यपाल ने कहा कि नैनी झील नैनीताल की पहचान और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है, इसलिए यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
बोट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बोट स्टैंड पर शेल्टर निर्माण, झील की सफाई की नियमित मॉनिटरिंग, झील के सौंदर्यीकरण तथा आसपास की सड़कों की मरम्मत की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि टिकट काउंटर निर्माण का कार्य स्वीकृत हो चुका है। राज्यपाल ने इन सुझावों को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करने का आश्वासन दिया।
बैठक में अपर सचिव राज्यपाल श्रीमती रीना जोशी, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट, बोट एसोसिएशन अध्यक्ष राम सिंह बिष्ट सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
