उत्तराखण्ड
नर्सिंग भर्ती की मांग को लेकर हल्द्वानी में दूसरे दिन भी गरजा नर्सिंग एकता मंच, सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

हल्द्वानी,,,में नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चल रहा आंदोलन अब लगातार गति पकड़ता जा रहा है। नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में मंगलवार को आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में नर्सिंग अभ्यर्थियों ने एकत्र होकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और वर्षवार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि देहरादून में नर्सिंग युवा पिछले 202 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। सरकार की इस उदासीनता के विरोध में अब कुमाऊं मंडल के नर्सिंग अभ्यर्थी भी आंदोलन के समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं। हाल के दिनों में यह आंदोलन देहरादून से आगे बढ़कर हल्द्वानी तक पहुंच चुका है और लगातार व्यापक होता जा रहा है।
सरकार की चुप्पी से बढ़ रहा अभ्यर्थियों का आक्रोश
धरना स्थल पर मौजूद नर्सिंग अभ्यर्थियों ने कहा कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इससे युवाओं में निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी हजारों युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण उनके सामने आर्थिक और मानसिक चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो कई युवाओं का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
मांगें नहीं मानी गईं तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन
धरने को संबोधित करते हुए नर्सिंग एकता मंच के हल्द्वानी अध्यक्ष पंकज भंडारी ने कहा कि सरकार को नर्सिंग अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार जल्द ही वर्षवार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और रिक्त पदों पर नियुक्ति की दिशा में कदम नहीं उठाती है तो नर्सिंग एकता मंच पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि नर्सिंग अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को और अधिक तेज किया जाएगा।
रोजगार की आस लगाए बैठे हैं हजारों नर्सिंग युवा
धरने में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और पढ़ाई के बाद नर्सिंग की डिग्री हासिल की है, लेकिन रोजगार के अवसर नहीं मिलने से वे निराश हैं। उनका कहना है कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ प्रशिक्षित नर्सिंग युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांग केवल रोजगार की नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की भी है। अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की कमी को देखते हुए रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां की जानी चाहिए।
इन अभ्यर्थियों ने की आंदोलन में सहभागिता
धरने के दौरान नर्सिंग एकता मंच के पदाधिकारियों और अभ्यर्थियों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की। कार्यक्रम में पंकज भंडारी, मानवी सोनी पांडेय, बलविंदर, दीपा राणा, उमा, हेमा मियाल, महावीर, विनोद, भावना धसिला, हेमा धामी, भूमिका सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग अभ्यर्थी और समर्थक उपस्थित रहे।
अंत में सभी अभ्यर्थियों ने एक स्वर में सरकार से वर्षवार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, रिक्त पदों को भरने और नर्सिंग युवाओं को न्याय दिलाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
