उत्तराखण्ड
नैनीताल में फुटपाथ होंगे अतिक्रमण‑मुक्त; जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने चलाया विशेष अभियान

जिलाधिकारी ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमण, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का अनधिकृत विस्तार, वेला‑फड़, निर्माण सामग्री का भंडारण, वाहनों की अवैध पार्किंग, विज्ञापन सामग्री की अनधिकृत स्थापना तथा गड्ढे‑टूट‑फूट के कारण फुटपाथ पैदल यात्रियों के उपयोग के लिए अनुपयुक्त व असुरक्षित हो गए हैं। परिणामस्वरूप वरिष्ठ नागरिक, महिलाएँ, बच्चे व दिव्यांगजन मुख्य मार्ग पर चलने के लिए विवश हो रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ता है।
आदेश में कहा गया है कि नगर आयुक्त, नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, समस्त उपजिलाधिकारी, अधिशासी अभियन्ता व संबंधित अधिकारी मिलकर अपने‑अपने क्षेत्राधिकार में लोक निर्माण विभाग एवं नगर निकाय के साथ संयुक्त टीम बनाकर एक माह के भीतर फुटपाथों का सर्वेक्षण करायेंगे। सर्वे के दौरान अतिक्रमणों को स्थायी, अस्थायी, व्यावसायिक विस्तार, अवैध पार्किंग, निर्माण सामग्री भंडारण, गड्ढे/क्षतिग्रस्त हिस्से तथा दिव्यांगजन के लिए अवरोध जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा है कि अतिक्रमणकर्ताओं को संबंधित अधिनियमों व उपविधियों के तहत नोटिस दिए जाएंगे और निर्धारित अवधि में न हटाने पर बलपूर्वक निष्कासन किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में प्रति सप्ताह न्यूनतम एक संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाने के आदेश भी दिए गए हैं, जिनमें नगर निकाय, पुलिस और संबंधित विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
फुटपाथों की मरम्मत व सुगम्यता के संबंध में लोक निर्माण विभाग और नगर निकाय को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने नियंत्रणाधीन फुटपाथों की जाँच कर गड्ढे, धंसाव व टूट‑फूट का समयबद्ध मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की भावना के अनुरूप रैम्प, टैक्टाइल पाथ व अन्य सुलभता सुविधाएँ आवश्यकतानुसार विकसित की जाएंगी।
जिलाधिकारी ने यह निर्देश भी दिए कि किसी भी दशा में फुटपाथों का उपयोग वाहन पार्किंग हेतु नहीं किया जाएगा; उल्लंघन की स्थिति में मोटर वाहन अधिनियम के तहत पुलिस व परिवहन विभाग आवश्यक कारवाई सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक नगर निकाय को एक नोडल अधिकारी नामित करने के लिए कहा गया है जो नागरिक शिकायतों का निस्तारण कर पाक्षिक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएगा।
जारी आदेश में कहा गया है कि निर्देशों के पालन में शिथिलता, उदासीनता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध प्रचलित सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने नागरिकों से सहयोग की भी अपील की है ताकि फुटपाथों का उपयोग पैदल आवागमन के लिए सुनिश्चित किया जा सके और सार्वजनिक सुरक्षा बढ़े।
