उत्तराखण्ड
साईं कृपा ट्रस्ट के नशामुक्ति केंद्र में मिलीं खामियां, संयुक्त निरीक्षण में खुली अनियमितताएं

निरीक्षण के दौरान केंद्र के अभिलेखों, लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों, आधारभूत सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। जांच में पाया गया कि संस्थान के पास नियमित लाइसेंस उपलब्ध नहीं है और केंद्र वर्तमान में प्रोविजनल लाइसेंस के आधार पर संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा केंद्र में कार्यरत पांच कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन भी पूरा नहीं मिला।
संयुक्त निरीक्षण दल ने केंद्र की आधारभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया, जिसमें कई कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने संस्थान प्रबंधन को निर्देश दिए कि निर्धारित समयावधि के भीतर सभी कमियों को दूर किया जाए तथा आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन रखा जाए।
उपजिलाधिकारी ने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों का संचालन शासन द्वारा निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपचाररत व्यक्तियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यकतानुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के आधार पर तैयार विस्तृत जांच रिपोर्ट आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी नैनीताल को भेजी जा रही है। जिला प्रशासन ने कहा कि जनहित में ऐसे संस्थानों का समय-समय पर निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि नशामुक्ति केंद्रों में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
