उत्तराखण्ड
वित्तीय साक्षरता, लोक संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा नया बल: राज्यपाल
‘फिन बोध’ और ‘उत्तरावाणी’ ऐप सहित असिस्टेंट होमस्टे मैनेजर पाठ्य सामग्री का लोकार्पण

राज्यपाल ने कहा कि ‘फिन बोध’ ऐप वित्तीय साक्षरता को सरल और व्यवहारिक रूप में लोगों तक पहुँचाने का अभिनव माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के लिए राजस्व, निवेश, संपत्ति प्रबंधन और वित्तीय परिसंपत्तियों की जानकारी बेहद आवश्यक है। ऐप आधारित माध्यमों से सीखने वाली युवा पीढ़ी के लिए यह पहल प्रभावी साबित होगी।
उन्होंने ‘उत्तरावाणी’ ऐप को उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताते हुए कहा कि यह मंच कुमाऊँनी, गढ़वाली और जौनसारी जैसी लोकभाषाओं तथा लोकगीतों को व्यापक पहचान दिलाने में सहायक बनेगा। सामुदायिक रेडियो की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए यह ऐप दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों को जोड़ने और स्थानीय ज्ञान को वैश्विक स्तर तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा।
असिस्टेंट होमस्टे मैनेजर पाठ्य सामग्री के संबंध में राज्यपाल ने कहा कि यह पहल युवाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में तेजी से बढ़ रहे होमस्टे पर्यटन से स्थानीय युवाओं को अपने गांवों में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। यह प्रशिक्षण सामग्री उन्हें अतिथि सत्कार, होमस्टे प्रबंधन और बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित करेगी।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि ये तीनों पहलें उत्तराखण्ड के आर्थिक विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, रजिस्ट्रार हेम राज भट्ट सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।
‘फिन बोध’ ऐप में व्यक्तिगत वित्त, बचत, निवेश, कर नियोजन, बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल भुगतान, साइबर सुरक्षा और विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी गई है। वहीं ‘उत्तरावाणी’ ऐप मल्टी-कम्युनिटी रेडियो प्लेटफॉर्म के रूप में लाइव रेडियो स्ट्रीमिंग और पॉडकास्ट सुविधा उपलब्ध कराएगा। असिस्टेंट होमस्टे मैनेजर पाठ्य सामग्री में अतिथि सत्कार, हाउसकीपिंग, ऑनलाइन बुकिंग, सोशल मीडिया प्रचार और उद्यमिता जैसे विषय शामिल किए गए हैं।
