उत्तराखण्ड
स्वच्छता में लापरवाही पर सख्त हुए डीएम, जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित शहरी विकास विभाग एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निकायों के स्वच्छता कार्यों, कूड़ा संग्रहण, कचरा पृथक्करण, डंपिंग जोन प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि सभी नगर निकायों में घर-घर कूड़ा संग्रहण और स्रोत स्तर पर कचरे का शत-प्रतिशत पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्रों में अवैध रूप से कूड़ा डंपिंग किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए तथा कूड़ा निस्तारण स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए। साथ ही स्वच्छता संबंधी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों, स्वच्छता अभियानों और वृक्षारोपण गतिविधियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने नागरिकों को स्वच्छता और कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उनकी प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर पिथौरागढ़ के निर्माण के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ लक्ष्यबद्ध तरीके से कार्य करना होगा।
बैठक में योगेन्द्र सिंह, जितेन्द्र वर्मा, राजकुमार, राजदेव जायसी सहित विभिन्न नगर निकायों और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
