उत्तराखण्ड
युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ना प्राथमिकता : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया




कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारपरक अवसरों से जोड़ना जिला प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और क्षमता को सही दिशा देने के लिए समय-समय पर करियर मार्गदर्शन, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पूर्व में उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ बैठक कर रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों से प्राप्त सुझावों के आधार पर कार्ययोजना तैयार की गई है। संस्थानों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों को केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित रखना उचित नहीं है, बल्कि उन्हें निजी क्षेत्र, स्टार्टअप, स्वरोजगार, उद्यमिता और सेवा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से भी अवगत कराना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को समय पर सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलने से वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ रोजगार देने वाले भी बन सकते हैं। उन्होंने इस पहल को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘सेवा, सुशासन एवं विकास’ के विजन तथा ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की प्रोफाइलिंग कर उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुसार करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। उद्यम स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और योजनाओं से जोड़ने के लिए नियमित संवादात्मक कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। उन्होंने जनपद के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार के जागरूकता सत्र आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने विद्यार्थियों को नवाचार अपनाने, सकारात्मक सोच के साथ जोखिम लेने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपुणी सरकार पोर्टल एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सफल उद्यमी बन सकते हैं।
संस्थान की प्राचार्या डॉ. भारती ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, कौशल आधारित शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उद्योगों की आवश्यकताओं, जिला सेवायोजन कार्यालय की सेवाएं, रोजगार पंजीकरण, करियर काउंसलिंग, रोजगार मेले, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, स्टार्टअप, बैंक ऋण, सब्सिडी, परियोजना निर्माण एवं कौशल प्रशिक्षण सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।
इसके अलावा पर्यटन, होमस्टे, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, सेवा क्षेत्र, डिजिटल माध्यम एवं स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों की संभावनाओं के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यशाला में भाग लिया।
कार्यशाला के बाद जिलाधिकारी ने राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के विभिन्न कक्षों, शाखाओं एवं प्लेसमेंट सेल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लेसमेंट व्यवस्था की जानकारी लेते हुए सिडकुल स्थित औद्योगिक इकाइयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों के लिए अधिक से अधिक रोजगार एवं प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षण स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



