उत्तराखण्ड
जनसुनवाई में आयुक्त दीपक रावत की त्वरित कार्रवाई, फरियादी को दिलाए 9.5 लाख रुपये, लंबित वेतन भुगतान के निर्देश



जनसुनवाई में सबसे प्रमुख मामले में काठगोदाम निवासी मीरा पंत को भूमि खरीद के नाम पर फंसी धनराशि वापस दिलाई गई। मीरा पंत ने बताया कि उन्होंने तपोवन क्षेत्र में भूमि खरीदने के लिए प्रमोद नामक व्यक्ति को 11 लाख रुपये दिए थे, लेकिन न तो भूमि मिली और न ही धनराशि वापस की गई। आयुक्त के हस्तक्षेप से पहले 7 लाख रुपये लौटाए जा चुके थे, जबकि शनिवार को 2.5 लाख रुपये और वापस दिलाए गए। शेष 1.5 लाख रुपये सितंबर 2026 तक लौटाने के निर्देश दिए गए। धनराशि वापस मिलने पर मीरा पंत ने आयुक्त का आभार व्यक्त किया।
जनसुनवाई में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, नैनीताल की आक्यूपेशनल थेरेपिस्ट तनुजा पाण्डेय सहित 10 कर्मचारियों ने फरवरी एवं मार्च 2026 से लंबित वेतन का मुद्दा उठाया। आयुक्त ने तत्काल निदेशक समाज कल्याण से वार्ता कर एक सप्ताह के भीतर वेतन जारी करने के निर्देश दिए।
एक अन्य मामले में मंजू जोशी ने बताया कि उनके भवन को वर्ष 2016 से बैंक में बंधक रखकर लिए गए 38 लाख रुपये के सीसी लोन के कारण अब तक बंधक मुक्त नहीं कराया जा सका है। इस पर आयुक्त ने संबंधित खाते की निकासी पर रोक लगाने, सीसी लोन समाप्त करने तथा शेष लगभग 22 लाख रुपये तीन माह के भीतर जमा कर भवन को बंधक मुक्त कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जनसुनवाई में चोरी की धनराशि वापस दिलाने, पड़ोसी द्वारा मानसिक उत्पीड़न, ज्वेलरी शॉप चोरी के आरोपी की गिरफ्तारी तथा रामपुर रोड चौड़ीकरण जैसी शिकायतें भी सामने आईं। आयुक्त दीपक रावत ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर समाधान सुनिश्चित कराया।



