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उत्तराखण्ड

जून के अंत से हल्द्वानी शहर में सिटी बसें चलनी शुरू हो जाएंगी,


हल्द्वानी में 21 जून 2025 से शुरू हो जाएगी सिटी बस सेवा आयुक्त/ सचिव मा0 मुख्यमंत्री दीपक रावत ने सर्किट हाउस काठगोदाम में रीजनल ट्रांसपोर्ट एथॉरिटी की बैठक मंे दी मंजूरी।
जून के अंत से हल्द्वानी शहर में सिटी बसें चलनी शुरू हो जाएंगी। यह निर्णय आयुक्त दीपक रावत ने रीजनल ट्रांसपोर्ट एथॉरिटी की बैठक में लिया है। सिटी बस प्राइवेट ऑपरेटर चलाएंगे। जिन्हें बस खरीदने के लिए तीन महीने का वक्त दिया गया है। मंगलवार को काठगोदाम सर्किट हाउस मैं हुई आरटीए की बैठक में निर्णय लिया गया कि 21 जून से हल्द्वानी में सिटी बसें शुरु होंगी। जिनके लिए रूट तय किए गए हैं। कुल मिलाकर हल्द्वानी में 168 किलोमीटर के दायरे में सिटी बसें चलाई जाएंगी।
रूट नंबर- एक (दूरी 45.60 किमी)
रानीबाग से रोडवेज बस स्टैंड, स्टेडियम रोड, मुखानी, कुसुमखेड़ा, ब्लॉक, फतेहपुर, लामाचौड़, भाखड़ा, कठघरिया, चौफुला चौराहा, चंबलपुल, पनचक्की, हाइडिल गेट से वापस रानीबाग।
रूट नंबर- दो (33.60 किमी)
बस स्टेशन से मंगलपड़ाव, गांधी स्कूल, तीनपानी, उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी, टीपीनगर, देवलचौर, पंचायत घर, पाल कॉलेज, त्ज्व्, कुसुमखेड़ा, लालडांठ, पनचक्की, मुखानी, कालाढूंगी चौराहे से वापस बस स्टेशन
रूट नंबर- तीन (33.60 किमी)
बस स्टेशन से काठगोदाम रेलवे स्टेशन, सर्किट हाउस, स्टेडियम, तीनपानी, गोरा पड़ाव, गन्ना सेंटर, टीपीनगर, एसटीएच, धान मिल, पीलीकोठी, मुखानी, कालाढूंगी चुराने वापस बस स्टैंड।
रूट नंबर- चार (12.20 किमी)
बस स्टेशन से सिंधी चौराहा, रामपुर रोड, देवलचौड़, बिड़ला स्कूल, गैस गोदाम रोड, सेंट्रल अस्पताल से मुखानी से कालाढूंगी चौराहा होकर वापस बस स्टैंड।
रूट नंबर- पांच (18.80 किमी)
बस स्टेशन से दुर्गा सिटी सेंटर, नवाबी रोड, मुखानी, कुसुमखेड़ा, कमलुवागांजा, लामाचौड़, भांखड़ा
रूट नंबर- छह (21.60 किमी)
बस स्टेशन से स्टेडियम रोड, मुखानी, कुसुमखेड़ा, ऊंचापुल, कमलुवागांजा, मुखानी होकर वापस बस स्टैंड
आयुक्त ने कहा कि इस सेवा के तहत शहर के बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के साथ-साथ नई बसों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी बसें पर्यावरण के अनुकूल सीएनजी अथवा बीएसवीआई पर आधारित होंगी, जिससे प्रदूषण को कम किया जा सके। इस योजना का उद्देश्य केवल यातायात सुधारना ही नहीं, बल्कि हल्द्वानी को एक क्लीन और ग्रीन शहर के रूप में विकसित करना भी है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सभी बसों में महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। इन बसों को विशेष पहचान चिह्न दिए जाएंगे ताकि यात्रियों को इन्हें आसानी से पहचाना जा सके साथ ही बस में सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस,कलर बोर्ड, रूट नम्बर बडे अक्षरों में अंकित किया जायेगा। बस का कलर एक ही रंग का होगा।
उन्होने बताया कि नगर बस सेवा के संचालन को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। बसों का संचालन सर्दियों में सुबह 8बजे से रात 8ः30 बजे तक और गर्मियों में सुबह 6ः30 बजे से किया जाएगा।
बैठक में नैनीताल शहर में भी ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी चर्चा की गई। नैनीताल शहर के मौजूदा वन-वे सिस्टम के अनुरूप नगर बसों के संचालन की योजना बनाई जा रही है, जिसमें तीन रूटो ंजिससे कॉलेज के छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिलेगा। यह योजना शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
बैठक में आरटीओ द्वारा 9 जनवरी के बाद जारी किए गए नए परमिटों की समीक्षा भी की गई । यह बैठक नगर बस सेवा के संचालन, ट्रैफिक प्रबंधन और नई बस योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था में भी सुधार आएगा।
बैठक में पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों मे 35 रूटों में बस संचालन की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्वीकृति प्रदान की गई। आबादी क्षेत्रों में जो सामग्री के गोदाम है जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है वही जाम की स्थिति बनी रहती है उन क्षेत्रों में भारी वाहनों माल ढुलाई हेतु भारी वाहनो के परमिट ना दिये जांए इसके लिए पुलिस एवं आरटीओ महकमा नियमित चैंकिग कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने कहा पर्वतीय क्षेत्रों में वाहनों में ओवरलोडिंग कतई बर्दाश्त नही की जायेगी इसके लिए अधिकारी नियमित चैंकिग कर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
बैठक में रोडवेज, केमू एवं निजी बस संचालकों द्वारा जिन रूटों पर वाहनों का संचालन हेतु आवेदन किया गया उन स्थानों के लिए सर्वे रिपोर्ट के स्वीकृति के आधार पर बस संचालन की अनुमति दी गई। आयुक्त ने कहा कैंचीधाम मन्दिर हेतु हल्द्वानी से नई शटल बसों का संचालन शीघ्र ही किया जायेगा इसके लिए 25 केमू एवं निजी वाहनों की अनुमति प्रदान कर दी गई है वर्तमान में केवल 6 शटल बसों का संचालन किया जा रहा था।
बैठक में आरटीओ संदीप सैनी, गुरदेव सिंह, मनोनीत सदस्य विनोद मेहरा, सूरज प्रकाश तिवारी के साथ ही रोडवेज, केमू एवं निजी बस एसोशिएसन के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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