उत्तराखण्ड
काशीपुर में आशा वर्कर्स का ब्लॉक सम्मेलन, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
न्यूनतम वेतन लागू करने और श्रम शोषण पर रोक लगाने की उठी आवाज, नई ब्लॉक कमेटी का गठन

सम्मेलन को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष ललित भटियाली ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकांश जमीनी कार्य आशा वर्कर्स के माध्यम से संपन्न कराए जाते हैं, लेकिन उन्हें आज तक राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि नए श्रम कानूनों और लेबर कोड्स में आशा वर्कर्स को श्रमिक का दर्जा न मिलने के कारण वे न्यूनतम वेतन सहित अन्य श्रमिक अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा श्रमिकों की मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने के कारण देशभर में मजदूर आंदोलनों में वृद्धि हो रही है।
यूनियन की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला सचिव रीता कश्यप ने कहा कि उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन ने आशा वर्कर्स की समस्याओं को संगठित रूप से उठाकर उन्हें सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनाया है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स की मांगों को केवल एकजुट और संगठित संघर्ष के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है।
जिला उप सचिव अनीता अन्ना ने कहा कि प्रदेश में 12 हजार से अधिक आशा वर्कर्स कार्यरत हैं और उन पर लगातार नए-नए कार्यों का बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थागत कमियों का भार भी आशा वर्कर्स पर डाला जाता है। छोटी-छोटी त्रुटियों के आधार पर उन्हें सेवा से हटाने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने और अधिकाधिक आशा वर्कर्स को यूनियन से जोड़ने का आह्वान किया।
नई ब्लॉक कमेटी का गठन
सम्मेलन में सर्वसम्मति से नई ब्लॉक कमेटी का गठन किया गया। इसमें सुधा शर्मा को ब्लॉक अध्यक्ष, स्नेहलता चौहान को उपाध्यक्ष, सोनिया को महामंत्री, योगेश सैनी को संगठन मंत्री तथा मंजू कश्यप और कमलेश को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा लक्ष्मी, सरस्वती, मधु शर्मा, अंजुपाल, सरिता, नसीम, रेनू, समा परवीन, सुषमा, कुसुमपाल और अनिता कश्यप सहित अन्य सदस्यों को कमेटी में शामिल किया गया।
बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स ने की सहभागिता
सम्मेलन में यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष ललित भटियाली, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला सचिव रीता कश्यप, जिला उप सचिव अनीता अन्ना, जिला उपाध्यक्ष बबीता कश्यप, ब्लॉक अध्यक्ष सुधा शर्मा सहित बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स मौजूद रहीं। प्रतिभागियों ने आशा वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा और उनकी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। सम्मेलन में क्षेत्र की अनेक आशा कार्यकर्ताओं ने भागीदारी कर संगठन की एकजुटता का प्रदर्शन किया।
