उत्तराखण्ड
उप स्वास्थ्य केंद्र दौलतपुर में संस्थागत प्रसव और एचपीवी टीकाकरण पर जागरूकता शिविर आयोजित




कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लाभ, गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित मातृत्व, प्रसवोपरांत देखभाल, नवजात शिशु की सुरक्षा तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध निःशुल्क प्रसव सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही परिवार कल्याण कार्यक्रमों, जन्म अंतराल के महत्व और परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के बारे में भी जागरूक किया गया।
जिला आईईसी अधिकारी दीवान बिष्ट एवं एएनएम कमला रावत ने स्वास्थ्य शिक्षा सत्र के दौरान गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, प्रसव पूर्व एवं प्रसवोपरांत देखभाल, संस्थागत प्रसव के लाभ और नवजात शिशु की समुचित देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर एएनएम कमला रावत ने पात्र बालिकाओं को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का टीका भी लगाया तथा उपस्थित महिलाओं को बताया कि यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने महिलाओं से स्वयं जागरूक बनने और अन्य महिलाओं को भी संस्थागत प्रसव एवं टीकाकरण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि जनपद में प्रत्येक गर्भवती महिला का सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समय पर पंजीकरण, नियमित प्रसवपूर्व जांच तथा निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव कराने से माता एवं नवजात शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की कि प्रसव केवल स्वास्थ्य संस्थानों में ही कराएं तथा पात्र बालिकाओं का समय पर एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं।
कार्यक्रम में ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक हरीश फोलोरिया, जिला आईईसी अधिकारी दीवान बिष्ट, एएनएम कमला रावत, आशा फेसिलिटेटर दुर्गा बसानी, आशा कार्यकर्ता गीता बोरा, कमला बोरा, तुलसी कोलेरा सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।


