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उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की 36वीं विद्यापरिषद की बैठक सम्पन्न, सभी 19 प्रस्तावों को मिली सर्वसम्मति से मंजूरी

 

हल्द्वानी, 31 जुलाई। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की 36वीं विद्यापरिषद की बैठक शुक्रवार को विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड में सम्पन्न हुई। बैठक में बाह्य विशेषज्ञ सदस्य ऑनलाइन तथा विश्वविद्यालय के आंतरिक सदस्य प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए।

बैठक में कुलसचिव एवं सदस्य सचिव श्री खेमराज भट्ट ने कार्यसूची के सभी 19 प्रस्ताव परिषद के समक्ष प्रस्तुत किए। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अनुमोदित एवं संस्तुत किया गया।

विद्यापरिषद ने 35वीं बैठक की कार्यवाही एवं उस पर की गई अनुपालन कार्रवाई का अनुमोदन किया। साथ ही यूजीसी-डीईबी से प्राप्त मान्यता के आधार पर बी.एड. (ओडीएल) तथा बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस कार्यक्रमों के संचालन, नेपाली विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), शोधार्थियों के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रमों में सहभागिता हेतु प्रायोजन नीति तथा पीएच.डी. प्रवेश व्यवस्था से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में स्वामी विवेकानन्द उत्तराखण्ड ई-पुस्तकालय योजना, शैक्षणिक सत्र 2025-26 की पुरानी अध्ययन सामग्री के निःशुल्क वितरण, दीक्षांत समारोह से पूर्व उपाधि प्रदान करने की व्यवस्था, यूजीसी के निर्देशों के अनुरूप कृषि एवं उद्यानिकी विषयों के संचालन तथा रसायन विज्ञान एवं गणित विभाग के शोधार्थियों की पीएच.डी. मौखिक परीक्षाओं की आख्या को भी मंजूरी दी गई।

इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के अध्ययन केन्द्रों पर एनसीवीईटी (NCVET) से मान्यता प्राप्त कार्यक्रमों के संचालन हेतु नियमावली, सीआईक्यूए (CIQA) की बैठक की संस्तुतियों, विभिन्न विद्याशाखाओं के बोर्ड ऑफ स्टडीज़ की अनुशंसाओं, स्क्रूटनी के उपरांत परीक्षा परिणामों में प्राप्त भिन्नताओं से जुड़े विषयों तथा पंजीकृत शिक्षार्थियों के हित में दूरदर्शन उत्तराखण्ड पर प्रतिदिन 30 मिनट का समय स्लॉट उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। ऑनलाइन माध्यम से प्रो. एच.सी. पोखरियाल (पूर्व प्राध्यापक, दिल्ली विश्वविद्यालय), प्रो. पी.एस. बिष्ट (सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय), डॉ. मनु प्रताप सिंह (डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा) तथा डॉ. एच.सी. पुरोहित (दून विश्वविद्यालय) सहित अन्य बाह्य विशेषज्ञों ने सहभागिता की। विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, संकाय सदस्य एवं आमंत्रित सदस्य भी बैठक में उपस्थित रहे।

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