उत्तराखण्ड
33 दिनों में 30 हजार पार, आदि कैलाश-ओम पर्वत यात्रा ने बनाया नया रिकॉर्ड

, 3 जून। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ स्थित आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू होने के मात्र 33 दिनों के भीतर 30,016 इनर लाइन परमिट जारी होने के साथ यात्रा ने नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, 2 जून को अकेले 1,178 इनर लाइन परमिट जारी किए गए, जिससे कुल संख्या 30,016 तक पहुंच गई। यात्रा का शुभारंभ 1 मई को जोलीकोंग स्थित पार्वती कुंड के समीप शिव मंदिर के कपाट खुलने के साथ हुआ था।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में पूरे यात्रा सीजन में 29,352 तथा वर्ष 2025 में 36,526 इनर लाइन परमिट जारी किए गए थे। ऐसे में इस वर्ष शुरुआती 33 दिनों में ही 30 हजार का आंकड़ा पार होना यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण माना जा रहा है।
प्रशासन ने बताया कि 1 से 31 मई के बीच लगभग 28 हजार श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 150 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री Narendra Modi के आदि कैलाश एवं ओम पर्वत भ्रमण तथा जून 2024 में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami द्वारा आदि कैलाश में योग साधना किए जाने के बाद इस आध्यात्मिक धाम को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिली है। इसके बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
जिलाधिकारी Ashish Bhatgain ने कहा कि आदि कैलाश यात्रा सीमांत क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। इससे पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ भारत-चीन और भारत-नेपाल सीमा से लगे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं तथा पलायन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
जिला प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा पर आने से पहले आवश्यक दस्तावेज, मौसम की जानकारी और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को भी नई गति प्रदान कर रही है।
