उत्तराखण्ड
20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने अधिकारियों को दिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

पलायन रोकने और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को धरातल पर उतारने पर दिया जोर
पिथौरागढ़, 04 नवंबर। विकास भवन सभागार में बुधवार को 20 सूत्रीय कार्यक्रम के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त रामपाल सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित 20 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश योजनाएं ए श्रेणी में संचालित हो रही हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी पूर्ण सत्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है कि वह समाज के हित में समर्पित भाव से कार्य करते हुए जनहित के कार्यों को और बेहतर बनाने का प्रयास करे।
बैठक में उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए पलायन रोकने के साथ-साथ रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार होमस्टे योजना सहित अनेक रोजगारपरक योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित किए जा सकते हैं, जिससे लोगों को अपने गांवों में ही रोजगार मिल सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रोजगारपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा पात्र लोगों तक इनका लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रिवर्स पलायन को गति मिलेगी।
बैठक में 20 सूत्रीय कार्यक्रम के सहायक निदेशक टी.एस. अन्ना, परियोजना निदेशक डीआरडीए आशीष पुनेठा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.एस. चुफाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





