उत्तराखण्ड
₹173 लाख की पेयजल योजना पर शासन की चुप्पी, 8 माह से GO का इंतजार






EFC पूरी, DPR शासन में जमा, फिर भी टेंडर नहीं; तीन साल के संघर्ष के बाद भी धरातल पर नहीं पहुंची हिडिंबा आश्रम पेयजल योजना
भीमताल (नैनीताल)। हिडिंबा आश्रम क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान के लिए स्वीकृत ₹173 लाख की पेयजल योजना शासन स्तर पर फाइलों में अटक गई है। व्यय वित्त समिति (EFC) की प्रक्रिया पूरी होने और योजना की DPR शासन को उपलब्ध कराए जाने के बावजूद करीब आठ माह से शासनादेश (GO) जारी नहीं हो सका है। शासनादेश जारी न होने के कारण टेंडर प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पा रही है और योजना का धरातलीय कार्य शुरू होने का इंतजार बना हुआ है।
हिडिंबा आश्रम क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान के लिए सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी पिछले करीब तीन वर्षों से लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके लगातार प्रयासों के बाद शासन स्तर से 24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 के माध्यम से लिखित रूप में जानकारी दी गई थी कि योजना की DPR शासन को प्राप्त हो चुकी है तथा EFC की प्रक्रिया भी पूर्ण हो गई है। इसके बाद जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई थी। जल संस्थान के अधिकारियों की ओर से भी इस संबंध में लिखित पुष्टि की गई थी।
इसके बावजूद आठ माह से अधिक समय गुजरने के बाद भी शासनादेश जारी नहीं होने से योजना की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता से जुड़ी योजना के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी फाइल का शासन स्तर पर लंबित रहना चिंता का विषय है।
सचिव से तत्काल GO जारी करने की मांग
मामले में पूरन बृजवासी ने पेयजल सचिव को पत्र भेजकर हिडिंबा आश्रम पेयजल योजना का शासनादेश तत्काल जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पेयजल समस्या को देखते हुए योजना को और अधिक समय तक लंबित रखना जनहित में उचित नहीं है।
उन्होंने शासन से मांग की है कि GO जारी कर टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराई जाए, ताकि योजना का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो सके और क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके।
बृजवासी ने चेतावनी दी कि यदि शासन स्तर से शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों एवं आश्रम से जुड़े लोगों के साथ आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

















