उत्तराखण्ड
हिमालय दिवस पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से प्रकृति संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का किया आह्वान
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देहरादून, 08 सितंबर 2026। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रदेशवासियों को हिमालय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए हिमालय के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि पर्वतराज हिमालय हमारी अमूल्य धरोहर है। यह पर्वत श्रृंखला प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता से समृद्ध होने के साथ-साथ हमारी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विरासत का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि हिमालय उत्तराखंड के जीवन का आधार है। प्रदेश की संस्कृति, परंपराएं, नदियां, कृषि और जनजीवन हिमालय से गहराई से जुड़े हुए हैं। पहाड़ों में रहने वाले लोगों ने सदियों से प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर जीवन जीने की परंपरा को आगे बढ़ाया है। आवश्यकता है कि इस परंपरा को आधुनिक विकास के साथ जोड़ा जाए।
राज्यपाल ने कहा कि पहाड़ों में ऐसा विकास होना चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आवश्यक सुविधाएं मिलें तथा प्रकृति पर अनावश्यक दबाव भी न पड़े। हिमालय हमें जल, जंगल और अनेक प्राकृतिक संसाधन प्रदान करता है, इसलिए इसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी हम सभी की है।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, वनों की सुरक्षा, स्वच्छता और कचरे का उचित प्रबंधन जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी हिमालय के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे हिमालय के प्रति अपने दायित्व को समझें और दैनिक जीवन में प्रकृति संरक्षण को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि सरकार, समाज और प्रत्येक नागरिक के साझा प्रयासों से ही हिमालय को सुरक्षित, स्वच्छ और समृद्ध रखा जा सकता है।

















