उत्तराखण्ड
देहरादून में दो दिवसीय सीजीएसटी समीक्षा बैठक एवं ‘जीएसटी संवाद’ आयोजित

व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा करदाताओं से हुआ सीधा संवाद, समस्याओं के त्वरित समाधान का दिया आश्वासन
देहरादून, 8 सितंबर। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, देहरादून की ओर से 7 एवं 8 अगस्त 2026 को देहरादून में दो दिवसीय समीक्षा बैठक एवं ‘जीएसटी संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी), नई दिल्ली के सदस्य (सीमा शुल्क) योगेंद्र गर्ग ने की।
बैठक में सीमा शुल्क एवं सीजीएसटी जोन मेरठ के मुख्य आयुक्त नीतीश कुमार सिन्हा, सीजीएसटी आयुक्तालय देहरादून के आयुक्त डॉ. अशोक कुमार पाण्डे, ऑडिट आयुक्त नीलेश कुमार गुप्ता, अपील आयुक्त अनिल चौधरी सहित मेरठ जोन के विभिन्न आयुक्तालयों के प्रधान आयुक्त, आयुक्त एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सदस्य योगेंद्र गर्ग ने मेरठ जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न आयुक्तालयों के राजस्व एवं प्रशासनिक प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने करदाता सुविधाओं को और मजबूत करने तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान मंडलों एवं रेंजों के पुनर्गठन, कर्मचारियों के पुनर्संतुलन तथा प्रमुख स्थापना संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
व्यापारिक प्रतिनिधियों से सीधा संवाद
‘जीएसटी संवाद’ कार्यक्रम में कुमाऊं एवं गढ़वाल क्षेत्र के उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधियों के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कर अधिवक्ताओं ने प्रतिभाग किया। प्रतिनिधियों ने जीएसटी से संबंधित अपनी व्यावहारिक समस्याएं और सुझाव सीबीआईसी सदस्य के समक्ष रखे।
योगेंद्र गर्ग ने व्यापारिक प्रतिनिधियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य मामलों के त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया। वहीं, नीतिगत स्तर से जुड़े सुझावों को सीबीआईसी बोर्ड एवं वित्त मंत्रालय के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करने की बात कही गई।
सीबीआईसी सदस्य ने कहा कि इस तरह के ‘जीएसटी संवाद’ करदाताओं और कर प्रशासन के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारिक समुदाय को सशक्त बनाने तथा जीएसटी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल एवं सुगम बनाने के लिए ऐसे संवाद कार्यक्रम नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाते रहेंगे।

















