उत्तराखण्ड
बेस अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में ऑक्सीजन का इंतजार, तीमारदार ने निजी स्तर पर मंगवाया सिलेंडर
ब

हल्द्वानी। राजकीय बेस अस्पताल हल्द्वानी के डायलिसिस सेंटर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच एक मामला व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। डायलिसिस कराने पहुंचे हल्द्वानी निवासी रघुवीर सिंह को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब सेंटर में डायलिसिस के लिए आवश्यक ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई।
रघुवीर सिंह के परिजनों के अनुसार, डायलिसिस के लिए अस्पताल पहुंचने से पहले उन्होंने सेंटर में संपर्क किया था। उन्हें मरीज को अस्पताल लाने के लिए कहा गया था। इसके बाद जब मरीज को डायलिसिस के लिए लाया गया तो वहां मौजूद तकनीशियन ने कथित तौर पर बताया कि फिलहाल ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है और इसके लिए ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाना पड़ेगा।
परिजनों का कहना है कि मरीज की तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया कि ऑक्सीजन की व्यवस्था कब तक होगी। इस दौरान जब सेंटर से इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो कथित तौर पर जवाब दिया गया कि ऑक्सीजन सिलेंडर आने के बाद ही डायलिसिस हो पाएगी।
मरीज की परेशानी को देखते हुए आखिरकार तीमारदार ने अपने निजी संपर्कों के माध्यम से ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की, जिसके बाद मरीज की डायलिसिस हो सकी।
इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और डायलिसिस सेंटर के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि यदि डायलिसिस सेंटर का संचालन निजी कंपनी को टेंडर के माध्यम से दिया गया है तो मरीजों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किसकी है? यदि डायलिसिस के दौरान ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है तो सेंटर में इसकी पर्याप्त और तत्काल व्यवस्था क्यों नहीं थी?
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं। ऐसे में बेस अस्पताल जैसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान में डायलिसिस मरीज को ऑक्सीजन के लिए इंतजार करना पड़े और परिजन को निजी स्तर पर सिलेंडर की व्यवस्था करनी पड़े, तो यह व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े करता है।
अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और डायलिसिस सेंटर में ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर क्या कार्रवाई और व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।

















