उत्तराखण्ड
हल्द्वानी में गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह, धामी बोले—सैनिक कभी पूर्व नहीं होता




हल्द्वानी, 10 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक कभी पूर्व या भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है। हमारे पूर्व सैनिक ‘भूतपूर्व’ नहीं, बल्कि ‘अभूतपूर्व’ हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को नमन करते हुए कहा कि सैनिकों ने अपने जीवन का स्वर्णिम समय राष्ट्र की रक्षा और सेवा में समर्पित किया है। उन्होंने अपने आज की चिंता किए बिना देश के सुरक्षित भविष्य के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। पूर्व सैनिक अपने अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, समर्पण और अनुभव से आज भी समाज और राष्ट्र को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
सैनिक परिवार के त्याग को स्वयं महसूस किया है : धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं, इसलिए सैनिक और उसके परिवार के त्याग, अनुशासन तथा संघर्ष को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरबान सिंह नेगी और गबर सिंह नेगी से लेकर जनरल बीसी जोशी और जनरल बिपिन रावत तक इस भूमि ने देश को अनेक वीर सपूत दिए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा व्यवस्था और सैन्य सामर्थ्य में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण के साथ रक्षा उत्पादों का निर्यात भी कर रहा है। नया भारत अपनी सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए दृढ़ता और सामर्थ्य के साथ निर्णय लेने में सक्षम है।
‘वन रैंक-वन पेंशन’ को बताया ऐतिहासिक निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशकों से लंबित ‘वन रैंक-वन पेंशन’ की मांग को पूरा कर पूर्व सैनिकों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया। केंद्र और राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं।
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा सैनिकों के हित में किए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। यह उत्तराखंड के वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान का प्रतीक बनने के साथ भावी पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देगा।
शहीद आश्रितों की अनुग्रह राशि 10 से बढ़ाकर 50 लाख
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। परमवीर चक्र विजेताओं की एकमुश्त अनुदान राशि 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है।
बलिदानी सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में सेवायोजित करने की व्यवस्था के तहत आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है। वहीं, राज्य के सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
नितिन नवीन ने सैनिकों के योगदान को सराहा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों ने देश की रक्षा में अतुलनीय योगदान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना आधुनिक और सशक्त हुई है तथा भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों के बीच जाकर उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। सीमावर्ती गांवों को देश का अंतिम गांव मानने की सोच में बदलाव कर उन्हें ‘देश के प्रथम गांव’ के रूप में विकसित करने को प्राथमिकता दी गई है।
नितिन नवीन ने उत्तराखंड सरकार की सैनिक कल्याण योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि देहरादून में बन रहा सैन्य धाम वीर सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक बनेगा।
सैनिक कल्याण को प्राथमिकता : गणेश जोशी
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण, शिक्षा, रोजगार और अन्य सुविधाओं के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। सैनिक कल्याण से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कार्यक्रम संयोजक एवं दायित्वधारी सुरेश भट्ट, ध्रुव रौतेला, पूर्व मेयर जोगेंद्र रौतेला सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, सैनिक परिवार, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

















