उत्तराखण्ड
विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारी तेज, 23 अक्टूबर से ईवीएम-वीवीपैट की जांच
हल्द्वानी, 17 अक्टूबर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद में ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) 23 अक्टूबर से शुरू होकर 4 नवंबर 2026 तक चलेगी। इस संबंध में शनिवार को उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय की अध्यक्षता में तहसील परिसर हल्द्वानी स्थित एनआईसी कक्ष में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में एफएलसी और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) की तैयारियों तथा निर्धारित समय-सारणी की जानकारी दी गई।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के निर्देशानुसार जनपद में उपलब्ध 1,541 बैलेट यूनिट (बीयू), 2,716 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 2,224 वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच की जाएगी। जांच का कार्य प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक निर्धारित किया गया है।
एफएलसी केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
एफएलसी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के 
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी को
बैठक में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की समय-सारणी पर भी चर्चा की गई। इसके तहत मतदेय स्थलों का युक्तिकरण 2 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 12 नवंबर को होगा, जबकि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 12 नवंबर से 12 दिसंबर तक निर्धारित की गई है। इनका निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा तथा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगाउप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के निर्देशानुसार जनपद में उपलब्ध 1,541 बैलेट यूनिट (बीयू), 2,716 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 2,224 वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच की जाएगी। जांच का कार्य प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक निर्धारित किया गया है।
एफएलसी केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
एफएलसी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। राजनीतिक दलों को अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के नाम, मोबाइल नंबर, पिता अथवा पति का नाम, पूरा पता, आधार एवं मतदाता पहचान पत्र संख्या, पहचान पत्र की छायाप्रति और दो नवीनतम रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने होंगे। एफएलसी हॉल में प्रवेश केवल फोटो पहचान पत्र के आधार पर दिया जाएगा।।निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए किसी भी मतदेय स्थल पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक नहीं रखी जाएगी। सभी मतदेय स्थलों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर एसएसआर-2026 से संबंधित निर्धारित विवरण 19 अक्टूबर तक आयोग को भेजा जाना है।
नाम अपमार्जन की दर दो प्रतिशत से अधिक होने अथवा किसी एक व्यक्ति द्वारा पांच से अधिक आपत्तियां प्रस्तुत किए जाने की स्थिति में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा। पुनरीक्षण अवधि के दौरान फार्म-9, 10, 11 और 11ए से संबंधित सूचियां प्रत्येक सप्ताह राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
बैठक में बसपा के जगदीश कुमार, उमरकस निदान, हरिश चंद्र सिनोली, कृष्ण चंद्र, भुवन आर्य, महेश चंद एवं शिव गणेश, कांग्रेस से जगदीश और ताहिर हुसैन, भाजपा से मनीष कुमार पाल एवं प्रकाश नैनवाल, आम आदमी पार्टी से श्रीकांत तथा निर्दलीय सुरेंद्र सिंह लोहनी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में उप जिलाधिकारी मोनिका और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे भी मौजूद रहे।





















