उत्तराखण्ड
बढ़ती महंगाई के खिलाफ हल्द्वानी में महिलाओं का प्रदर्शन, एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

हल्द्वानी, 25 सितंबर। बढ़ती महंगाई के विरोध में शुक्रवार को प्रगतिशील महिला एकता केंद्र एवं प्रगतिशील भोजनमाता संगठन के बैनर तले महिलाओं ने हल्द्वानी में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान “तेल महंगा, चीनी महंगी—कैसे चले जनता की जिंदगी, बढ़ती महंगाई के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करें” शीर्षक से पर्चे वितरित कर लोगों से महंगाई के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की उपाध्यक्ष रजनी ने किया। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने मेहनतकश जनता के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। आटा, दाल, चावल, चीनी, खाद्य तेल, सब्जियां, दूध, मसाले, रसोई गैस और सार्वजनिक परिवहन जैसी रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च बढ़ रहा है, जबकि मजदूरों, छोटे किसानों, घरेलू कामगारों, भोजनमाताओं, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित कम आय वाले कामगारों की आमदनी उसी अनुपात में नहीं बढ़ी है।
भोजनमाता संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पा कुड़ई ने कहा कि आम परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल कम होती आय में बढ़ते खर्च के बीच घर चलाने का है। उन्होंने कहा कि पहले जिस रकम में परिवार सप्ताह भर की सब्जियां और जरूरी सामान खरीद लेता था, अब उसी रकम में कुछ दिनों का सामान खरीदना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने खाद्य तेल सहित कुछ उत्पादों में कीमत बढ़ने के साथ पैकेज की मात्रा कम होने की शिकायतों का भी उल्लेख किया।
प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की अध्यक्ष बिंदु ने कहा कि महंगाई का सबसे गहरा असर मजदूर और मेहनतकश परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है। खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ने से परिवारों को अपने भोजन और जरूरतों में कटौती करनी पड़ रही है, जिसका असर बच्चों के पोषण और महिलाओं के जीवन पर भी पड़ रहा है।
सरिता ने कहा कि घर का बजट बिगड़ने पर सबसे पहले महिलाओं को ही अपने भोजन और व्यक्तिगत जरूरतों में कटौती करनी पड़ती है। वहीं गीता काजल ने कहा कि भोजनमाताओं को कम मानदेय और बढ़ती महंगाई की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि भोजनमाताएं विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उनके पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन स्वयं उनका जीवन कम मानदेय और बढ़ती महंगाई के बीच कठिन परिस्थितियों में गुजर रहा है।
रेखा ने कहा कि महंगाई के अनुपात में वेतन और मानदेय में वृद्धि नहीं हुई है, जिसे उन्होंने सरकार का गैरजिम्मेदाराना रवैया बताया।
परिवर्तनकामी छात्र संगठन के महासचिव महेश ने कहा कि जनता को सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने महंगाई के खिलाफ व्यापक जनएकजुटता की जरूरत बताई।
क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के मुकेश ने कहा कि सरकार को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण करना चाहिए, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगानी चाहिए तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने मजदूरी और वेतन में महंगाई के अनुरूप वृद्धि सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।
अंबेडकर पार्क से एसडीएम कार्यालय तक निकाला जुलूस
प्रदर्शन से पहले सभी साथी मंगल पड़ाव स्थित अंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। यहां से जुलूस के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। इसके बाद जुलूस बुद्ध पार्क पहुंचा, जहां बढ़ती महंगाई और पूंजीवादी व्यवस्था के विरोध में प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।
सभा में बाबू भाई, रेखा सहित अन्य वक्ताओं ने भी महंगाई से जुड़ी समस्याओं को उठाया। कार्यक्रम में पुष्पा, गीता, भावना, हीरा, तारा, मलका रानी, मीनाक्षी, शाहिन सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और संगठन से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे।

















