उत्तराखण्ड
पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लोक भवन से विदा हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, पुस्तक ‘अनथक युयुत्सा’ का किया विमोचन




गार्ड ऑफ ऑनर देकर दी गई विदाई, उत्तराखण्ड में बिताए पांच वर्षों को बताया जीवन का विशेष और यादगार समय
देहरादून। उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) अपने पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के फलस्वरूप आज लोक भवन, देहरादून से विदा हुए। इस अवसर पर पीएसी की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके आगामी जीवन के लिए सुख, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विदाई के दौरान लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राज्यपाल के साथ बिताए गए समय और अनुभवों को याद किया। राज्यपाल ने लोक भवन परिवार के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग, समर्पण और टीम भावना के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में बिताए गए पांच वर्ष उनके जीवन का विशेष और यादगार समय रहे हैं। इस दौरान उन्हें प्रदेश की जनता से आत्मीय जुड़ाव बनाने और जनसेवा के विभिन्न अवसरों पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ।
‘अनथक युयुत्सा’ में समाहित है प्रेरक जीवन यात्रा
लोक भवन से विदाई से पूर्व आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में राज्यपाल ने अपने जीवन पर आधारित पुस्तक ‘अनथक युयुत्सा’ का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक प्रोफेसर अधीर यादव हैं। इसमें पंजाब के एक गांव से भारतीय सेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उत्तराखण्ड के राज्यपाल पद तक पहुंचने की उनकी प्रेरक जीवन यात्रा को प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक में उनके सैन्य जीवन के अनुभवों, चुनौतियों और संघर्षों के साथ राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण, दृढ़ संकल्प और साहस को रेखांकित किया गया है। यह जीवन यात्रा अनुशासन, कर्मठता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देती है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, पुस्तक के लेखक प्रोफेसर अधीर यादव सहित प्रशासनिक अधिकारी तथा लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





















