उत्तराखण्ड
पर्वतीय क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित करने पर जोर, एमएसएमई को मजबूत बनाने की कार्ययोजना तैयार हो: राज्यपाल


देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से शुक्रवार को लोक भवन में उद्योग विभाग के महानिदेशक डॉ. सौरभ गहरवार ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान डॉ. गहरवार ने राज्यपाल को प्रदेश में औद्योगिक विकास, उद्यमिता, नवाचार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी दी।
डॉ. गहरवार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, एमएसएमई नीति, स्टार्टअप नीति तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना सहित विभाग की प्रमुख योजनाओं के माध्यम से उद्यमिता विकास, रोजगार सृजन, निवेश प्रोत्साहन, नवाचार तथा हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से राज्यपाल को अवगत कराया। उन्होंने इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप राज्य में सामने आई विभिन्न सफल पहलों एवं सफलता की कहानियों की जानकारी भी साझा की।
राज्यपाल ने एमएसएमई क्षेत्र को देश और राज्य की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए इसके सुदृढ़ीकरण के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित करने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर उद्योग एवं रोजगार के अवसर बढ़ने से वहां की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रिवर्स माइग्रेशन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितधारकों तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतर सुधार के साथ तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर भी उन्होंने जोर दिया।
राज्यपाल ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इकोनॉमी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे उभरते क्षेत्रों की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने इन क्षेत्रों को प्रदेश के औद्योगिक विकास के प्रमुख फोकस एरिया के रूप में विकसित करने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नीतिगत पहल किए जाने पर जोर दिया।

















