उत्तराखण्ड
दीपावली के रंगों से महकी हल्द्वानी कोतवाली, महिला पुलिस कर्मियों ने रंगोली सजाकर दिया खुशियों और अपनत्व का संदेश





हल्द्वानी। दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने, घरों को सजाने और खुशियां मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्व आपसी प्रेम, सौहार्द, अपनत्व, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। इसी भावना को खूबसूरत रूप देते हुए हल्द्वानी कोतवाली में तैनात महिला पुलिस कर्मियों ने दीपावली के अवसर पर कोतवाली परिसर को रंग-बिरंगी रंगोली से सजाकर एक अलग ही माहौल बना दिया।
आमतौर पर पुलिस की वर्दी के साथ जुड़ी जिम्मेदारियां, अनुशासन और कानून-व्यवस्था की चुनौतियां देखने को मिलती हैं, लेकिन त्योहारों के अवसर पर पुलिस कर्मियों के भीतर छिपी मानवीय संवेदनाएं और पारिवारिक भावनाएं भी सामने आती हैं। हल्द्वानी कोतवाली में महिला पुलिस कर्मियों ने कुछ ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने कार्यस्थल को केवल सरकारी कार्यालय न समझकर अपने घर-आंगन की तरह सजाया और रंगोली के माध्यम से दीपावली की खुशियों को साझा किया।
कोतवाली परिसर में बनाई गई आकर्षक रंगोली में गुलाबी, पीले, नारंगी, हरे और नीले रंगों का सुंदर संयोजन देखने को मिला। रंगोली के मध्य दीपक की आकर्षक आकृति और उसके चारों ओर बनाए गए रंगीन डिजाइन दीपावली के वास्तविक संदेश को प्रदर्शित कर रहे थे। महिला पुलिस कर्मियों ने पूरे मनोयोग और उत्साह के साथ इस सजावट को तैयार किया। इस दौरान उनके चेहरों पर त्योहार की उमंग और एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटने का उत्साह साफ दिखाई दिया।
इस दृश्य का एक खास पहलू यह भी रहा कि पुलिस कर्मियों के लिए त्योहारों की खुशियां मनाने का अवसर हमेशा सामान्य नागरिकों जैसा नहीं होता। जहां अधिकांश लोग दीपावली पर अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं, वहीं पुलिस कर्मी अपनी ड्यूटी पर रहकर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। ऐसे में कोतवाली परिसर में रंगोली सजाने की यह पहल उनके लिए कार्यस्थल पर ही उत्सव और अपनत्व का वातावरण तैयार करने का माध्यम बनी।
महिला पुलिस कर्मियों ने इस अवसर पर कामना की कि दीपावली का पावन पर्व प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए। किसी भी घर में दुख और निराशा का अंधकार न रहे तथा हर परिवार में खुशियों के दीप प्रज्वलित हों। त्योहार का असली आनंद तभी है, जब समाज का हर वर्ग इसमें शामिल हो और खुशियां एक-दूसरे के साथ बांटी जाएं।
वर्दी के साथ संस्कार और संवेदनाओं की भी पहचान
हल्द्वानी कोतवाली का यह दृश्य समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है। पुलिस कर्मी भी इसी समाज का हिस्सा हैं। उनके भी परिवार हैं, भावनाएं हैं और त्योहारों से जुड़ी अपनी परंपराएं हैं। बावजूद इसके, वे अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देते हुए जनता की सुरक्षा में तैनात रहते हैं।
महिला पुलिस कर्मियों की इस पहल ने यह भी दिखाया कि किसी स्थान को सुंदर बनाने के लिए केवल सजावट के सामान की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि उसके पीछे प्रेम, लगन और सकारात्मक सोच का होना जरूरी है। जिस तरह महिलाएं अपने घर के आंगन को त्योहारों पर रंगोली से सजाती हैं, उसी भावना के साथ उन्होंने कोतवाली परिसर को भी रंगों से सजा दिया।
दीपावली के अवसर पर हल्द्वानी कोतवाली में रंगोली से सजा यह नजारा केवल एक त्योहार की सजावट नहीं, बल्कि पुलिस परिवार के आपसी जुड़ाव, महिला कर्मियों की रचनात्मकता और सकारात्मक सोच की सुंदर तस्वीर बनकर सामने आया। वास्तव में, जब जिम्मेदारियों के बीच भी खुशियों के लिए स्थान बनाया जाता है, तभी त्योहार का वास्तविक अर्थ सार्थक होता है।





