Connect with us

उत्तराखण्ड

तारा जन सेवा समिति के कन्या पूजन में 151 कन्याओं का पूजन, सामाजिक एकता का दिया संदेश

नारी शक्ति के सम्मान और बेटियों को समान अवसर देने का लिया संकल्प, दशहरे के अगले दिन हर वर्ष होगा आयोजन

हल्द्वानी। तारा जन सेवा समिति, तल्ली बमोरी की ओर से बुधवार को लालडांठ रोड स्थित तारा टेंट हाउस, शिव गौरी बैंक्वेट हॉल में विशाल कन्या पूजन कार्यक्रम श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 151 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उन्हें तिलक लगाया गया और उपहार भेंट किए गए। आयोजन के माध्यम से नारी शक्ति के सम्मान, बेटियों के महत्व और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे भजन-कीर्तन के साथ हुआ। लगभग दो घंटे तक चले भजन-कीर्तन में श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर रहे। इसके पश्चात श्री मनोज कृष्ण शास्त्री व्यास जी ने कन्या पूजन के पौराणिक महत्व, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके सम्मान और आदर की भारतीय संस्कृति में स्थापित परंपरा के बारे में बताया।

इसके बाद 151 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। कन्याओं को तिलक लगाकर उपहार भेंट किए गए और उनका आशीर्वाद लिया गया। कार्यक्रम में लिटिल फ्लावर स्कूल, सिल्वरस्टोन स्कूल, सावित्री शिक्षा संस्थान और किड्स केयर गार्डन की नन्ही बालिकाओं ने सहभागिता की।

विशिष्ट अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम में नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य, हल्द्वानी के मेयर गजराज सिंह बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, भाजपा नेता कौस्तुभयम जोशी, निश्चल पांडे, विजय मनराल, वार्ड संख्या 49 के पार्षद चंदन सिंह मेहता तथा पंडित मदन मोहन जोशी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।

बेटियों का सम्मान और उन्हें अवसर देना समाज की जिम्मेदारी : जितेन सिंह मेहता

समिति के अध्यक्ष जितेन सिंह मेहता (जीतू) ने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है, “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।” अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति सम्मान और समाज में बेटियों के महत्व को स्वीकार करने का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों के माध्यम से बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह बेटियों को सम्मान देने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करे।

मेहता ने कहा कि 151 कन्याओं का पूजन सामाजिक सद्भाव, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक प्रयास है। समिति भविष्य में भी इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाएगी। उन्होंने घोषणा की कि दशहरे के अगले दिन प्रत्येक वर्ष कन्या पूजन का आयोजन किया जाएगा और आने वाले समय में पूजन में शामिल होने वाली कन्याओं की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा, “बेटी है तो कल है।”

सहयोगियों के योगदान की सराहना

कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती तारा मेहता, अनीता मेहता, शोभा मेहता, पदमा बेलवाल, शांति जीना, पूनम जोशी, इंदिरा पंत, नलिनी सिंह मेहता, समीर आर्य, प्रताप रैकवार, देवेंद्र सिंह बिष्ट, संदीप भोज, शांति भट्ट, अक्षत मेहता, संजय उप्रेती और संतोष रावत सहित अन्य सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।

कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। समिति की ओर से सभी अतिथियों, सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया।

ADVERTISEMENTS Ad Ad

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page