उत्तराखण्ड
डॉ. राममनोहर लोहिया की 59वीं पुण्यतिथि पर सपा कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि

उत्तराखंड। हल्द्वानी,,,
समाजवादी चिंतक एवं स्वतंत्रता सेनानी डॉ. राममनोहर लोहिया की 59वीं पुण्यतिथि पर उत्तराखंड समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल मतीन सिद्दीक़ी ने सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर लोहिया जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि की गई तथा उनके जीवन और विचारों पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
लोहिया के आदर्शों को याद किया
गोष्ठी को संबोधित करते हुए अब्दुल मतीन सिद्दीक़ी ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया सच्चे और पक्के समाजवादी थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वालों में डॉ. लोहिया का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।
सिद्दीक़ी ने कहा कि डॉ. लोहिया ने सामाजिक बदलाव और देश-विदेश की भावी राजनीति को लेकर जो दूरदर्शी विचार रखे, वे लगभग सभी सही साबित हुए। उन्होंने कहा कि लोहिया जी बचपन से ही अन्याय और अत्याचार के प्रबल विरोधी थे। वे रात-रात भर सड़कों पर घूमकर गरीबों की स्थिति देखते थे कि वे क्या खाते हैं, कहां सोते हैं और कैसे अपना जीवन यापन करते हैं।
गरीबों के लिए संघर्ष
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. लोहिया ने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों की भलाई, सामाजिक न्याय और गैर-बराबरी फैलाने वाली रूढ़िवादी ताकतों के खिलाफ संघर्ष में लगाया। उनके अनुसार लोहिया जी के पदचिह्नों पर चलते हुए समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने समाजवाद की अलख जगाई।
सिद्दीक़ी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के बाद अखिलेश यादव समाजवाद का झंडा पूरी आन, बान और शान के साथ बुलंद रखे हुए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि डॉ. लोहिया और मुलायम सिंह यादव को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी, जब वे उनके अधूरे कार्यों और सपनों को पूरा करने के लिए अखिलेश यादव के हर संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर चलें।
कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प।गोष्ठी में महंत शुभम गिरी, मशकूर कुरैशी, चंद्रशेखर यादव, आशीष यादव, लवदत्त, डा. राजेंद्र पराशर, श्रवण शंकधर, नदीम कुरैशी, साजिद अंसारी, राजेंद्र यादव, जगवीर यादव, रईस अंसारी, उमैर मतीन, जुल्फिकार अंसारी, अमित यादव, उदालय यादव, अरशद अय्यूब इस्लाम मिकरानी, रेहान मलिक और अनस सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में स्कूली बच्चों को कॉपी, पेन और फ्रूटी वितरित कर सम्मानित किया गया। डॉ. राममनोहर लोहिया का निधन 12 अक्टूबर 1967 को हुआ था, इसलिए प्रत्येक वर्ष 12 अक्टूबर को उनकी पुण्यतिथि मनाई जाती है।





















