उत्तराखण्ड
टीबी उन्मूलन के लिए जांच, उपचार, पोषण और जनभागीदारी जरूरी: राज्यपाल गुरमीत सिंह




एम्स ऋषिकेश में टीबी पर राष्ट्रीय सम्मेलन एवं नीति संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल, दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक के उपयोग को बताया महत्वपूर्ण
ऋषिकेश। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने शनिवार को एम्स ऋषिकेश में आयोजित टीबी पर राष्ट्रीय सम्मेलन एवं नीति संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल चिकित्सा और दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए समय पर जांच, सही उपचार, पोषण, जनजागरूकता और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान का प्रभावी उपयोग करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक टीबी मरीज को समय पर उचित उपचार मिल सके।
राज्यपाल ने कहा कि टीबी एक चिकित्सकीय समस्या होने के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक चुनौती भी है। यह बीमारी मरीज के स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ उसके परिवार, आजीविका और सामाजिक जीवन पर भी असर डालती है। इसलिए टीबी से पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग का भाव अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मरीजों को भेदभाव का सामना करने के बजाय सम्मान, विश्वास और उपचार में सहयोग मिलना चाहिए।





















