उत्तराखण्ड
ज्योलिकोट में स्वास्थ्य जांच से लेकर जागरूकता तक निगरानी जारी, 93 लोगों की काउंसलिंग



नैनीताल। ज्योलिकोट प्रभावित क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी लगातार जारी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्वास्थ्य परीक्षण, जांच, उपचार के साथ-साथ जनजागरूकता गतिविधियां भी संचालित कर रही हैं।
बुधवार को चोपड़ा में 24, ज्योली में 14 तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 27 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आवश्यकतानुसार मरीजों को दवाइयां वितरित की गईं। इस दौरान 20 ब्लड टेस्ट किए गए, 93 लोगों की काउंसलिंग की गई तथा दो लोगों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर और निगरानी गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीमों को ज्योलिकोट प्रभावित क्षेत्र के सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं संबंधित स्टाफ को सुरक्षित पेयजल, हाथों एवं भोजन की स्वच्छता, जलजनित रोगों के लक्षण, बचाव के उपाय तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के संबंध में जागरूक किया जाएगा।
सीएमओ ने जिला सर्विलांस अधिकारी, नैनीताल एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, भीमताल को प्रभावित क्षेत्र में सर्विलांस, सैंपलिंग, जांच, उपचार और रेफरल संबंधी गतिविधियों की नियमित एवं समयबद्ध रिपोर्टिंग निर्धारित प्रारूप एवं पोर्टल पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता के अनुसार टेली-मॉनिटरिंग एवं टेली-कंसल्टेंसी की सुविधा भी निरंतर संचालित रखने को कहा गया है। गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा उचित रेफरल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
डेंगू-मलेरिया और एच1एन1 को लेकर भी सावधानी की अपील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने क्षेत्रवासियों से डेंगू, मलेरिया एवं एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। साथ ही स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी का सेवन करने और भोजन व हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार, उल्टी-दस्त, पीलापन, बदन दर्द, तेज सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा न लें, बल्कि तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श लें।
— चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जनपद नैनीताल

















