उत्तराखण्ड
ज्योलिकोट में जल जनित रोगों की रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट



1,142 घरों का सर्वे, 10 स्वास्थ्य शिविरों में 468 लोगों की जांच; 43 मरीज चिन्हित
नैनीताल, 06 सितंबर 2026। ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हैं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे करने के साथ ही लोगों को स्वच्छ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और जल जनित रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक आशा कार्यकर्ताओं द्वारा 1,142 घरों का सर्वे किया जा चुका है। इस दौरान लोगों को आवश्यक सावधानियों की जानकारी देने के साथ जरूरतमंद लोगों को 168 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
वर्तमान में क्षेत्र में 43 मरीज चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 10 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उन्हें आवश्यक उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 10 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में कुल 468 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविरों में मरीजों की जांच, आवश्यक उपचार, ओआरएस वितरण तथा जल जनित रोगों से बचाव के संबंध में स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित शिविर सड़ियाताल में 01, बेलवाखान में 02, ज्योलिकोट में 03, मनौरा में 01, छीड़ा/बीरभट्टी में 01, भल्यूटी में 01 तथा बल्दियाखान में 01 लगाए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। घर-घर सर्वे, मरीजों की पहचान, जांच, स्वास्थ्य शिविरों और जल गुणवत्ता की निगरानी के माध्यम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य की भी लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का सेवन करें और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि उल्टी-दस्त, बुखार, कमजोरी अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं उपचार कराएं।

















