उत्तराखण्ड
जनसमस्याओं का समाधान धामी सरकार की प्राथमिकता : भावना मेहरा

जनसुनवाई में राज्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश, टैक्सी बाइक संचालन और निर्माण सामग्री से जुड़ी समस्याओं पर लिया संज्ञान
पवनित सिंह बिंद्रा
नैनीताल। आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री भावना मेहरा ने बुधवार को नैनीताल प्राधिकरण सभागार में जनसुनवाई कर भीमताल, नैनीताल, भवाली सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने मकानों की मरम्मत, टीन शेड निर्माण, दीवार बनाने, छत की मरम्मत तथा भवन मानचित्र स्वीकृति से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं राज्यमंत्री के समक्ष रखीं। भावना मेहरा ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार उनके समाधान का भरोसा दिलाया।
वहीं, टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों ने टैक्सी बाइक संचालन से संबंधित समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस पर राज्यमंत्री ने आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती से दूरभाष पर वार्ता कर समस्या के उचित समाधान का आग्रह किया। आईजी कुमाऊं ने भी इस विषय पर शीघ्र समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
इसके अतिरिक्त मॉल रोड खुलने के बाद सड़क पर पड़ी रेत-बजरी के कारण लोगों के चोटिल होने तथा निर्माण सामग्री ताल में जाने से गंदगी फैलने की शिकायत भी सामने आई। इस पर राज्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना को तत्काल निर्माण सामग्री हटवाने और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे जनप्रतिनिधि के समक्ष रखने तथा उन पर तत्काल संज्ञान लिए जाने की पहल की सराहना की।
इस अवसर पर भावना मेहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार जनसेवा और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संकल्प है कि आमजन को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि उनकी शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि इसी प्रतिबद्धता के अनुरूप जनसुनवाई के माध्यम से जनता और शासन-प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।





