उत्तराखण्ड
ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 में ‘इकोरूट्स’ परियोजना को मिला उपविजेता स्थान, सतत पर्यटन को बढ़ावा देने की अभिनव पहल
ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 में ‘इकोरूट्स’ परियोजना को मिला उपविजेता स्थान, सतत पर्यटन को बढ़ावा देने की अभिनव पहल

हरप्रीत सिंह की यह परियोजना उत्तराखंड में सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसका मुख्य लक्ष्य नैनीताल और मसूरी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के बढ़ते दबाव को कम करना तथा उन्हें ग्रामीण और कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करना है। इसके साथ ही स्थानीय होमस्टे व्यवसाय को प्रोत्साहित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया है।
परियोजना के अंतर्गत डिजिटल ‘ग्रीन पॉइंट्स’ प्रणाली विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय होमस्टे में ठहरने, एकल-उपयोग प्लास्टिक से परहेज करने तथा साझा और इलेक्ट्रिक परिवहन अपनाने जैसी पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों के लिए डिजिटल अंक दिए जाएंगे। इन अंकों का उपयोग स्थानीय हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पादों और भविष्य में उपलब्ध होने वाली पर्यटन सेवाओं पर छूट प्राप्त करने के लिए किया जा सकेगा।
हरप्रीत सिंह के अनुसार, इस परियोजना का लक्ष्य पर्यटन गतिविधियों से उत्पन्न कार्बन फुटप्रिंट में 30 प्रतिशत तक की कमी लाना है। इसके अलावा, यह मॉडल ग्रामीण समुदायों की आजीविका को सुदृढ़ करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। यह पहल उत्तराखंड में पर्यटन के संतुलित विकास और स्थानीय समुदायों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
इस उपलब्धि पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, पर्यटन, आतिथ्य एवं होटल प्रबंधन विद्याशाखा के निदेशक प्रो. एम.एम. जोशी तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अखिलेश सिंह ने हरप्रीत सिंह को दूरभाष और ईमेल के माध्यम से बधाई दी। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।





















