उत्तराखण्ड
गुरु तेग बहादुर स्कूल और खालसा नेशनल गर्ल्स कॉलेज की चुनाव प्रक्रिया में तेजी, शिक्षा विभाग ने नियुक्त किए दो कर्मचारी

न्यायालय की अवमानना से जुड़े मामले के बीच चुनाव प्रक्रिया शुरू करने की कवायद, आजीवन सदस्यता सूची पर आपत्तियां मांगीं
याचिकाकर्ता जगमीत सिंह आनंद बोले—जनवरी में उच्च न्यायालय में दायर किया था वाद, आदेश पर कार्रवाई नहीं होने के बाद दोबारा ली न्यायालय की शरण
हल्द्वानी। श्री गुरु तेग बहादुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल एवं खालसा नेशनल गर्ल्स कॉलेज की चुनाव प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। दोनों विद्यालयों में चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दो कर्मचारियों को नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, इस मामले में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन और न्यायालय की अवमानना से जुड़े प्रकरण को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, दोनों विद्यालयों की चुनाव प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से समाचार पत्र के माध्यम से विज्ञप्ति जारी कर आजीवन सदस्यता सूची के संबंध में आपत्तियां दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रक्रिया के तहत संबंधित लोगों को सदस्यता सूची में दर्ज नामों और अन्य तथ्यों को लेकर अपनी आपत्तियां प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। प्राप्त जानकारी एवं संबंधित अभिलेखों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित की जाएगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित आगे की कार्रवाई की जा सके।
न्यायालय के आदेशों के अनुपालन को लेकर मामला चर्चा में
इस पूरे मामले में न्यायालय के आदेशों के अनुपालन का मुद्दा महत्वपूर्ण बना हुआ है। याचिकाकर्ता जगमीत सिंह आनंद के अनुसार, उन्होंने जनवरी माह में माननीय उच्च न्यायालय में दोनों विद्यालयों की चुनाव प्रक्रिया को लेकर वाद दायर किया था। उनका कहना है कि इस मामले में न्यायालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए गए थे।
जगमीत सिंह आनंद का आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इन आदेशों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने दोबारा माननीय उच्च न्यायालय की शरण ली। याचिकाकर्ता के अनुसार, इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी को न्यायालय की अवमानना से संबंधित नोटिस जारी किया गया।
इस घटनाक्रम के बाद अब दोनों विद्यालयों की चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कदम उठाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, न्यायालय के आदेशों, अवमानना नोटिस और उनके दायरे की सटीक जानकारी संबंधित न्यायिक दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी।
आजीवन सदस्यता सूची को लेकर मांगी गईं आपत्तियां
शिक्षा विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में आजीवन सदस्यता सूची को आधार बनाते हुए आपत्तियां दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सदस्यता से जुड़े तथ्यों एवं उपलब्ध अभिलेखों की जानकारी एकत्र करना और चुनाव प्रक्रिया से पहले सामने आने वाली आपत्तियों पर विचार करना बताया जा रहा है।
याचिकाकर्ता और अन्य संबंधित पक्षों के लिए अब यह महत्वपूर्ण होगा कि वे सदस्यता सूची में दर्ज नामों, सदस्यता की वैधता तथा अन्य संबंधित बिंदुओं को लेकर अपने दस्तावेजों के साथ आपत्तियां प्रस्तुत करें। इसके बाद संबंधित अधिकारी उपलब्ध जानकारी का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजेंगे।
इस प्रक्रिया में सदस्यता सूची का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव में भागीदारी और मताधिकार से जुड़े विषयों पर अंतिम निर्णय निर्धारित नियमों एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही लिया जाना चाहिए।
खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी रिपोर्ट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नियुक्त कर्मचारियों द्वारा चुनाव प्रक्रिया से संबंधित तथ्यों और आपत्तियों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद संकलित जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
दोनों विद्यालयों की चुनाव प्रक्रिया लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से आपत्तियां आमंत्रित करने और संबंधित जानकारी जुटाने की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सदस्यता सूची को लेकर सामने आने वाली आपत्तियों का किस प्रकार निस्तारण किया जाता है और चुनाव की अगली प्रक्रिया कब तक आगे बढ़ती है।
याचिकाकर्ता जगमीत सिंह आनंद ने उठाया न्यायालय के आदेशों का मुद्दा
याचिकाकर्ता जगमीत सिंह आनंद के अनुसार, उन्होंने जनवरी माह में ही चुनाव प्रक्रिया को लेकर उच्च न्यायालय में वाद दायर किया था। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें दोबारा न्यायालय का रुख करना पड़ा। उनके अनुसार, इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी के संबंध में न्यायालय की अवमानना से जुड़ा नोटिस जारी हुआ।
इस मामले में अब शिक्षा विभाग द्वारा दोनों विद्यालयों की चुनाव प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई किए जाने से आगे की स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। यदि सदस्यता सूची पर आपत्तियां प्राप्त होती हैं, तो उनका परीक्षण कर नियमानुसार निर्णय लिया जाना आवश्यक होगा।
निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
श्री गुरु तेग बहादुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल एवं खालसा नेशनल गर्ल्स कॉलेज की चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इस मामले में अब शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं। सदस्यता सूची पर आपत्तियां प्राप्त करने, संबंधित तथ्यों की जांच करने और रिपोर्ट तैयार करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, इस पूरे प्रकरण में न्यायालय के आदेशों का अनुपालन, सदस्यता सूची का सत्यापन और दोनों विद्यालयों में नियमानुसार चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराना प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।





















