उत्तराखण्ड
कान सफाई के नाम पर लोगों से वसूली का आरोप, बिना प्रशिक्षित व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग

हल्द्वानी। शहर के एक सार्वजनिक स्थान पर कान साफ करने के नाम पर लोगों से पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ व्यक्ति बिना किसी मेडिकल डिग्री, प्रशिक्षण या अधिकृत पहचान के कान की सफाई करने का काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह कार्य अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है।।तस्वीर में कुछ युवक सड़क किनारे लोगों को घेरकर कान की सफाई के लिए लोगों घेरा जाता हैं। आरोप है कि पहले ग्राहक से 50 रुपये लेकर सफाई शुरू की जाती है, कान में हाइड्रोजन डाल कर साफ किया जाता है जिससे उसका कितना नुकसान कान में होगा इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है लेकिन कान में मैल या कोई अन्य समस्या होने की बात कहकर बाद में अधिक रकम ली जाती है। लोगों का दावा है कि कई बार व्यक्ति की स्थिति देखकर रकम तय की जाती है।।संक्रमण और चोट का खतरा ,,स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कान एक संवेदनशील अंग है और बिना साफ-सुथरे उपकरणों तथा उचित प्रशिक्षण के कान की सफाई करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। एक ही उपकरण का बार-बार इस्तेमाल होने पर संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। गलत तरीके से सफाई करने पर कान के पर्दे को नुकसान, दर्द, रक्तस्राव या सुनने की समस्या जैसी गंभीर स्थिति भी पैदा हो सकती है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि सफाई के दौरान किसी व्यक्ति के कान को नुकसान पहुंचता है या कोई अनहोनी होती है, तो इन लोगों की पहचान और जवाबदेही कैसे तय होगी। आरोप है कि ये लोग अलग-अलग स्थानों पर घूमते रहते हैं और इनके पास न तो स्थायी पंजीकरण की जानकारी होती है, न कोई मेडिकल प्रमाणपत्र।।स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सड़क किनारे कान साफ करने का काम करने वाले व्यक्तियों के पास कोई वैध अनुमति, प्रशिक्षण या स्वास्थ्य संबंधी प्रमाणपत्र है या नहीं।।लोगों ने मांग की है कि:।कान की सफाई में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों की स्वच्छता की जांच हो किसी भी दवा, तेल या केमिकल के इस्तेमाल की जांच की जाए बिना प्रशिक्षण और अनुमति के इलाजनुमा गतिविधि करने वालों पर कार्रवाई हो सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के प्रति जागरूक किया जाए अवैध वसूली या भ्रामक दावों की शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग तत्काल जांच करे

















