Connect with us

उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की 47वीं कार्य परिषद की बैठक सम्पन्न, 11वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों पर मंथन

हल्द्वानी,,उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की अध्यक्षता में 47वीं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का प्रमुख केंद्र विश्वविद्यालय के आगामी 11वें दीक्षांत समारोह का आयोजन रहा, जिसमें वर्ष 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधियां एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए जाने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में कार्य परिषद की पिछली 46वीं बैठक, जो 4 अगस्त 2026 को आयोजित हुई थी, के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई। साथ ही पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा भी की गई। विश्वविद्यालय की आगामी शैक्षणिक गतिविधियों और संस्थागत विकास को लेकर सदस्यों ने अपने विचार रखे।

इस दौरान पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. भूपेन सिंह के असाधारण अवकाश तथा अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने से संबंधित प्रार्थना-पत्र पर विचार किया गया। वहीं, करियर अभिवर्धन योजना (CAS) के अंतर्गत भौतिकी विषय के प्राध्यापक प्रो. कमल देववाल की अकादमिक स्तर-14 में पदोन्नति की पात्रता तिथि में संशोधन के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में अल्पकालिक एवं अस्थायी आधार पर कैमरामैन तथा वीडियो एडिटर की नियुक्ति से जुड़े विषय को कार्य परिषद के समक्ष रखा गया।

बैठक में विश्वविद्यालय की वित्त समिति की 22वीं बैठक, जो 3 सितंबर 2026 को आयोजित हुई थी, तथा विद्या परिषद की 37वीं बैठक, जो 23 अक्टूबर 2026 को सम्पन्न हुई थी, की संस्तुतियों के अनुमोदन से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्ष की अनुमति से अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।बैठक में हिमालयन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, हल्द्वानी के अध्यक्ष श्री रमेश चन्द्र बिन्जोला, समाज विज्ञान विद्याशाखा की निदेशक प्रो. रेनू प्रकाश, कम्प्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विद्याशाखा के निदेशक प्रो. जीतेन्द्र पाण्डेय, भौमिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विद्याशाखा के निदेशक प्रो. पी.डी. पंत, वानिकी विभाग के सह-आचार्य डॉ. हरीश चन्द्र जोशी, समाज कार्य विभाग की सहायक आचार्य डॉ. नीरजा सिंह, कुलसचिव एवं सदस्य सचिव श्री खेमराज भट्ट तथा परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार उपस्थित रहे।

इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से पूर्व कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल प्रो. बी.एस. राजपूत, यूनिवर्सिटी ऑफ ओपन लर्निंग पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ की शोध निदेशक प्रो. योजना रावत, सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल्स लिमिटेड लालकुआं के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अजय कुमार गुप्ता, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली की प्रो. शची शाह, उत्तराखण्ड शासन के उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव श्री प्रदीप मोहन नौटियाल तथा विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी श्री सूर्यप्रताप सिंह ने प्रतिभाग किया।

बैठक के अंत में विभिन्न समितियों की संस्तुतियों, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रस्तावों पर हुए विचार-विमर्श को विश्वविद्यालय के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया। विशेष रूप से 11वें दीक्षांत समारोह के आयोजन को लेकर हुई चर्चा से विश्वविद्यालय की आगामी शैक्षणिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद जताई गई।

ADVERTISEMENTS Ad Ad

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page