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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में पहली बार अत्याधुनिक Q-PLUS EVO Q-SWITCH LASER तकनीक का शुभारंभ, हल्द्वानी के स्किनथेटिक्स में त्वचा उपचार की आधुनिक सुविधा

कृष्णा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के सौंदर्य चिकित्सा विभाग में शुरू हुई नई पहल, टैटू रिमूवल से लेकर झाइयों और पिगमेंटेशन के उपचार तक मिलेगी सुविधा

हल्द्वानी, 21 अक्टूबर। उत्तराखंड में त्वचा संबंधी समस्याओं के आधुनिक उपचार और सौंदर्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। हल्द्वानी स्थित कृष्णा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के सौंदर्य चिकित्सा विभाग एवं वेलनेस सेंटर ‘स्किनथेटिक्स’ (Skinthhetics) में अत्याधुनिक Q-PLUS EVO Q-SWITCH LASER तकनीक का शुभारंभ किया जा रहा है। इस तकनीक के माध्यम से त्वचा की रंगत, बनावट, पिगमेंटेशन, अनचाहे टैटू और उम्र के साथ दिखाई देने वाले त्वचा संबंधी बदलावों के उपचार के लिए उन्नत लेजर आधारित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

स्किनथेटिक्स की निदेशिका डॉ. पवलीन खुराना मोरदानी ने बताया कि Q-PLUS EVO Q-SWITCH LASER इटली की प्रतिष्ठित कंपनी QUANTA SYSTEM की उन्नत लेजर तकनीक है। लगभग 40 वर्षों के अनुभव वाली यह कंपनी विश्व के 150 देशों में अपने लेजर समाधानों के लिए जानी जाती है। भारत में कंपनी SKINNOVATION के साथ मिलकर कार्य करती है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक को सौंदर्य चिकित्सा के क्षेत्र में शामिल करने का उद्देश्य लोगों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से त्वचा संबंधी समस्याओं के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।

क्या है Q-SWITCH LASER तकनीक?

Q-SWITCH LASER एक विशेष प्रकार की लेजर तकनीक है, जिसमें बहुत कम समय में अत्यधिक तीव्र ऊर्जा के प्रकाश पल्स त्वचा के लक्षित हिस्से तक पहुंचाए जाते हैं। इस तकनीक का उपयोग विशेष रूप से त्वचा में मौजूद अतिरिक्त रंगद्रव्य यानी मेलानिन से संबंधित कुछ समस्याओं और टैटू की स्याही के कणों को लक्षित करने के लिए किया जाता है।

सामान्य भाषा में समझें तो त्वचा में मौजूद रंगद्रव्य और टैटू की स्याही लेजर ऊर्जा को अवशोषित करते हैं। इससे रंगद्रव्य के कण छोटे होने में मदद मिल सकती है, जिन्हें शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाएं धीरे-धीरे हटाने में सहायता करती हैं। हालांकि, इसका परिणाम त्वचा की प्रकृति, रंगद्रव्य की गहराई, टैटू के रंग और इस्तेमाल की जाने वाली लेजर की तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करता है।

Q-PLUS EVO प्लेटफॉर्म में अलग-अलग लेजर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। उपचार के दौरान किस तरंगदैर्ध्य और किस प्रकार की सेटिंग का उपयोग किया जाएगा, यह संबंधित उपकरण के कॉन्फिगरेशन तथा चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार निर्धारित किया जाता है। इस तकनीक का उद्देश्य आसपास के ऊतकों पर अनावश्यक प्रभाव को कम रखते हुए लक्षित हिस्से का उपचार करना है। इसके बावजूद त्वचा की प्रतिक्रिया व्यक्ति-विशेष के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

चार प्रमुख क्षेत्रों में मिलेगी लेजर उपचार की सुविधा

1. लेजर टैटू रिमूवल: अनचाहे टैटू हटाने में सहायक

कई बार लोग व्यक्तिगत पसंद बदलने, पेशेवर आवश्यकताओं या अन्य कारणों से पुराने टैटू हटवाना चाहते हैं। Q-SWITCH LASER तकनीक टैटू की स्याही के कणों को लक्षित करने में मदद कर सकती है। विभिन्न रंगों की स्याही के लिए अलग-अलग लेजर तरंगदैर्ध्य की आवश्यकता हो सकती है। काले और गहरे रंग के टैटू पर कुछ लेजर विकल्प बेहतर प्रभाव दिखा सकते हैं, जबकि अन्य रंगों को हटाना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

टैटू पूरी तरह हटाने के लिए सामान्यतः कई सत्रों की आवश्यकता होती है। सत्रों की संख्या टैटू के आकार, रंग, गहराई, स्याही के प्रकार और त्वचा की प्रतिक्रिया पर निर्भर करती है। दुर्घटनावश बने कुछ टैटू के निशानों में भी लेजर उपचार उपयोगी हो सकता है, लेकिन प्रत्येक मामले में परिणाम की गारंटी नहीं दी जा सकती।

2. लेजर स्किन रिसर्फेसिंग: त्वचा की बनावट में सुधार

त्वचा पर उम्र, धूप और अन्य कारणों से बारीक रेखाएं, असमान बनावट और कुछ प्रकार के निशान दिखाई देने लगते हैं। लेजर आधारित उपचारों का उपयोग त्वचा की बनावट में सुधार के लिए किया जा सकता है। हालांकि, Q-SWITCH LASER का मुख्य उपयोग रंगद्रव्य संबंधी समस्याओं में होता है और इसे सभी प्रकार की स्किन रिसर्फेसिंग तकनीकों के समान नहीं माना जाना चाहिए।

उपचार का चयन त्वचा की समस्या और उसकी गंभीरता के अनुसार किया जाता है। झुर्रियों, मुंहासों के गहरे निशानों या अधिक क्षतिग्रस्त त्वचा के लिए अन्य लेजर अथवा चिकित्सा पद्धतियां अधिक उपयुक्त हो सकती हैं। इसलिए उपचार से पहले त्वचा विशेषज्ञ द्वारा उचित मूल्यांकन आवश्यक है।

3. पिगमेंटेड स्पॉट्स का उपचार: झाइयों और धब्बों में सुधार

चेहरे तथा शरीर पर झाइयां, धूप के कारण बने धब्बे, उम्र संबंधी कुछ निशान और अतिरिक्त पिगमेंटेशन त्वचा की आम समस्याओं में शामिल हैं। Q-SWITCH LASER के माध्यम से कुछ चुनिंदा सौम्य पिगमेंटेड घावों का उपचार किया जा सकता है।

लेजर की ऊर्जा त्वचा में मौजूद लक्षित रंगद्रव्य को प्रभावित करती है, जिससे समय के साथ धब्बों में कमी आ सकती है। लेकिन सभी प्रकार के काले धब्बों का कारण एक जैसा नहीं होता। उदाहरण के लिए, मेलाज्मा में लेजर उपचार हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता और कुछ मामलों में इससे पिगमेंटेशन बढ़ भी सकता है। इसी प्रकार किसी भी नए, बदलते या संदिग्ध तिल अथवा त्वचा के निशान का लेजर उपचार करने से पहले उसका चिकित्सकीय परीक्षण आवश्यक है।

4. लेजर स्किन रिजुवेनेशन: त्वचा को तरोताजा दिखाने में मदद

त्वचा की रंगत असमान होना, धूप से हुए बदलाव, कुछ प्रकार के धब्बे, बारीक रेखाएं और बड़े दिखाई देने वाले रोमछिद्र सौंदर्य संबंधी आम चिंताएं हैं। उचित रूप से चयनित लेजर उपचार त्वचा की रंगत और कुछ सतही समस्याओं में सुधार करने में मदद कर सकते हैं।

Q-SWITCH LASER आधारित रिजुवेनेशन में उपचार का उद्देश्य त्वचा के रंगद्रव्य और कुछ लक्षित त्वचा संबंधी बदलावों में सुधार करना होता है। इसका प्रभाव त्वचा की स्थिति और उपचार की तकनीक पर निर्भर करता है। बेहतर परिणामों के लिए चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सनस्क्रीन, त्वचा की उचित देखभाल और आवश्यक होने पर अन्य उपचारों को भी शामिल किया जा सकता है।

कैसे की जाती है लेजर चिकित्सा?

लेजर उपचार शुरू करने से पहले त्वचा की प्रकृति, रंगत, समस्या की अवधि, पूर्व उपचार और किसी भी संभावित एलर्जी या त्वचा संबंधी बीमारी का आकलन किया जाता है। इसके बाद चिकित्सक यह निर्धारित करते हैं कि संबंधित समस्या के लिए Q-SWITCH LASER उपयुक्त है या किसी अन्य उपचार की आवश्यकता है।

उपचार के दौरान आंखों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त सुरक्षात्मक चश्मे का इस्तेमाल किया जाता है। लेजर की ऊर्जा और अन्य सेटिंग्स त्वचा के प्रकार, उपचार वाले क्षेत्र तथा समस्या के अनुरूप तय की जाती हैं। कुछ उपचारों में हल्की चुभन या गर्माहट महसूस हो सकती है। प्रक्रिया के बाद त्वचा पर अस्थायी लालिमा, सूजन या रंग में बदलाव हो सकता है।

उपचार के बाद त्वचा को धूप से बचाना, चिकित्सक द्वारा सुझाए गए त्वचा देखभाल उत्पादों का इस्तेमाल करना और निर्धारित निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। गहरे रंग की त्वचा में पिगमेंटेशन बढ़ने या घटने का जोखिम विशेष रूप से ध्यान में रखा जाता है। इसलिए प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा उचित चयन और निगरानी आवश्यक है।

आधुनिक तकनीक के साथ सुरक्षित उपचार पर जोर

डॉ. पवलीन खुराना मोरदानी के अनुसार, स्किनथेटिक्स का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से लोगों को बेहतर त्वचा देखभाल एवं सौंदर्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। नई लेजर तकनीक से हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को त्वचा संबंधी कुछ समस्याओं के लिए आधुनिक उपचार विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।

उन्होंने बताया कि सौंदर्य चिकित्सा में किसी भी तकनीक का चयन केवल बाहरी रूप में सुधार के लिए नहीं, बल्कि त्वचा की वास्तविक स्थिति और मरीज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए उपचार की योजना भी अलग-अलग हो सकती है।

Q-PLUS EVO Q-SWITCH LASER तकनीक की शुरुआत से हल्द्वानी में आधुनिक लेजर आधारित त्वचा उपचार सेवाओं के विस्तार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके माध्यम से क्षेत्र के लोगों को टैटू रिमूवल, चुनिंदा पिगमेंटेशन संबंधी समस्याओं और त्वचा की रंगत में सुधार के लिए एक अतिरिक्त उपचार विकल्प उपलब्ध होगा।

चिकित्सकीय सलाह: लेजर उपचार कराने से पहले त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है। परिणाम समस्या की प्रकृति, त्वचा के प्रकार और उपचार के प्रति प्रतिक्रिया पर निर्भर करते हैं। किसी भी लेजर प्रक्रिया के बाद धूप से सुरक्षा और चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करना उपचार की सफलता तथा त्वचा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

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