उत्तराखण्ड
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने हासिल की नई उपलब्धि, महज 17 दिनों में घोषित किया परीक्षा परिणाम


कुलपति प्रो. लोहनी ने बताया कि जुलाई 2026 सत्र की परीक्षाएं 20 जुलाई से 27 अगस्त तक आयोजित की गईं। इसके बाद 13 सितंबर तक केंद्रीय मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर परीक्षा समाप्त होने के मात्र 17 दिनों में परिणाम घोषित कर दिए गए। विश्वविद्यालय के 80 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षाओं के मूल्यांकन में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के लगभग 300 शिक्षकों ने योगदान दिया।
प्रवेश में 1,886 विद्यार्थियों की वृद्धि विश्वविद्यालय के प्रति विद्यार्थियों के बढ़ते रुझान का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जुलाई 2025 सत्र में कुल 46,558 प्रवेश हुए थे, जबकि जुलाई 2026 सत्र में यह संख्या बढ़कर 48,444 पहुंच गई। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 1,886 प्रवेश अधिक हुए, जो लगभग 4.05 प्रतिशत की वृद्धि है। नए प्रवेशों की संख्या भी 19,277 से बढ़कर 19,757 हो गई है।
विश्वविद्यालय ने अपनी शैक्षणिक पहुंच का विस्तार करते हुए नेपाल के विद्यार्थियों के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है। इससे मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से सीमाओं से परे उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में नई संभावनाएं खुलेंगी।
हरित परिसर की दिशा में पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में ईज़ी चार्ज के सहयोग से ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है। इसके साथ ही हरेला पर्व पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित कर परिसर को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने का प्रयास किया गया। इन पहलों का उद्देश्य विद्युत वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
हल्द्वानी स्थित मॉडल अध्ययन केंद्र (16000) के शिक्षार्थियों के लिए 18 अक्टूबर को दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, परीक्षा प्रक्रिया और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। विश्वविद्यालय की योजना इस कार्यक्रम को आगे अन्य अध्ययन केंद्रों में भी आयोजित करने की है।
31 अक्टूबर को स्थापना दिवस, 18 नवंबर को दीक्षांत समारोह
विश्वविद्यालय का 21वां स्थापना दिवस समारोह 31 अक्टूबर को आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। वहीं, आगामी दीक्षांत समारोह 18 नवंबर को होगा। इन आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। दीक्षांत समारोह में सफल विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उपाधियां प्रदान की जाएंगी।
प्रेसवार्ता में विश्वविद्यालय की परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने, प्रवेश का दायरा बढ़ाने, शिक्षार्थियों को बेहतर सहायता उपलब्ध कराने और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर कुलसचिव खेमराज भट्ट, वित्त नियंत्रक सूर्यप्रताप सिंह, सीका के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डेय, क्षेत्रीय सेवाएं निदेशक प्रो. एम.एम. जोशी, प्रभारी परीक्षा नियंत्रक प्रो. आशुतोष भट्ट और प्रभारी प्रवेश डॉ. सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।





















