उत्तराखण्ड
आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 की तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

24 से 26 अक्टूबर तक होगा आयोजन, धावकों की सुरक्षा के लिए डॉक्टर, एंबुलेंस और हाइड्रेशन प्वाइंट की व्यवस्था के निर्देश
पिथौरागढ़, 21 अक्टूबर। आदि कैलाश क्षेत्र में 24 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने धावकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, मैराथन मार्ग की स्थिति, आवागमन और आपातकालीन सेवाओं सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन के दौरान धावकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने मैराथन मार्ग पर पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों और एंबुलेंस की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित करने तथा धावकों के लिए स्नैक्स और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने मार्ग पर चिकित्सा सहायता केंद्रों और हाइड्रेशन प्वाइंट की स्पष्ट मार्किंग करने के निर्देश भी दिए, ताकि धावकों को जरूरत पड़ने पर सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
मैराथन मार्ग को सुरक्षित बनाने के निर्देश
मार्ग की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को रास्ते को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्ग में पड़े मलबे, पत्थरों और अन्य अवरोधों को समय रहते हटाया जाए, ताकि धावकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी समय से सुनिश्चित करने को कहा।
आयोजन स्थल पर ठहरने, टेंट, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों से निर्धारित समयसीमा के भीतर तैयारियां पूरी कर आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





