उत्तराखण्ड
आईआईएम काशीपुर की दिल्ली सिटी मीट में पूर्व विद्यार्थियों के जुड़ाव और संस्थागत विकास पर जोर

पूर्व विद्यार्थियों के अनुभवों से संवरेंगे वर्तमान विद्यार्थियों के करियर, उद्योग जगत से संबंध मजबूत करने पर हुआ मंथन
देहरादून, 13 अक्टूबर। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) काशीपुर की ओर से 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के छतरपुर स्थित द दिवोली में ‘दिल्ली सिटी मीट ’26’ का आयोजन किया गया। संस्थान की एलुमनाई रिलेशंस कमेटी (एआरसी) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 90 पूर्व विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और संस्थान के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पूर्व विद्यार्थियों के अनुभवों, करियर मार्गदर्शन, पेशेवर सहयोग और उद्योग जगत के साथ संस्थान के संबंधों को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न बैचों के पूर्व विद्यार्थियों ने अपने पेशेवर अनुभव साझा किए और वर्तमान विद्यार्थियों के विकास में योगदान देने के तरीकों पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि उद्योग जगत में कार्यरत पूर्व विद्यार्थियों का अनुभव प्रबंधन की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगार की बदलती आवश्यकताओं, करियर के नए अवसरों और व्यावहारिक चुनौतियों को समझने में मदद कर सकता है। ज्ञान साझा करने और मार्गदर्शन के माध्यम से कक्षा में प्राप्त शिक्षा को वास्तविक कार्यक्षेत्र के अनुभवों से जोड़ने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
इस अवसर पर आईआईएम काशीपुर के डीन (डेवलपमेंट) प्रो. कुनाल गांगुली और एलुमनाई रिलेशंस कमेटी के अध्यक्ष प्रो. उत्कर्ष उपस्थित रहे। प्रो. कुनाल गांगुली ने अपने संबोधन में कहा कि मजबूत पूर्व विद्यार्थी नेटवर्क संस्थान की प्रगति, उद्योग जगत के साथ सहभागिता, विद्यार्थियों की सफलता तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों को संस्थान के अतीत का हिस्सा भर नहीं, बल्कि उसके भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदार बताया।
प्रो. उत्कर्ष ने कहा कि सिटी मीट पूर्व विद्यार्थियों और संस्थान के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों से अपने अनुभव और विचार वर्तमान विद्यार्थियों के साथ साझा करने का आह्वान किया, ताकि विद्यार्थियों को विभिन्न उद्योगों में काम करने के तौर-तरीकों और पेशेवर दृष्टिकोणों को समझने का अवसर मिल सके।
संवादात्मक सत्र के दौरान पूर्व विद्यार्थियों ने अपने करियर की यात्रा, पेशेवर उपलब्धियों और संस्थान से जुड़ी यादें साझा कीं। Propert.shop के संस्थापक और पीजीपी 2011-2013 बैच के पूर्व विद्यार्थी जतिन कुमार ने पूर्व विद्यार्थियों से विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और ज्ञान साझा करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने संकाय सदस्यों के योगदान की सराहना करते हुए विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों और संस्थान के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं, Samsung Electronics में ग्रोथ लीड (डीजीएम) और पीजीपी 2014-2016 बैच के पूर्व विद्यार्थी रविंदर यादव ने सामूहिक सहयोग और टीम भावना को सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व विद्यार्थियों को एक टीम के रूप में साथ आकर काम करना चाहिए, जिससे संस्थान से जुड़े सभी लोगों को सहयोग और नए अवसर मिल सकें।
आईआईएम काशीपुर के पूर्व विद्यार्थी हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि संस्थान में बिताए समय से विद्यार्थियों को एमबीए की डिग्री के अतिरिक्त भी बहुत कुछ मिलता है। उन्होंने पूर्व विद्यार्थी समुदाय को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से एक-दूसरे से मिलने और संस्थान के साथ निरंतर जुड़े रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग और अनौपचारिक संवाद के साथ हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों ने पेशेवर संबंधों को मजबूत बनाने, आपसी सहयोग बढ़ाने और संस्थान के विकास में योगदान देने के अवसरों पर चर्चा की। दिल्ली सिटी मीट ’26 ने यह संदेश दिया कि पूर्व विद्यार्थी नेटवर्क केवल संपर्क बनाए रखने का माध्यम नहीं, बल्कि वर्तमान विद्यार्थियों के करियर विकास, उद्योग जगत से साझेदारी और संस्थान की दीर्घकालिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार भी है।





















