उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड STF ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट का बड़ा खुलासा; काशीपुर निवासी गिरफ्तार, अवैध हथियार और फर्जी लाइसेंस बरामद

STF ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि एक ही (फर्जी) लाइसेंस नंबर पर दो कूटरचित लाइसेंस बनाकर दो हथियार खरीदे गए थे, जो एक सुनियोजित नेटवर्क की ओर इशारा करता है। यह कार्रवाई ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई लगातार छापेमारी और सूचना‑आधारित दबिशों का हिस्सा है।
अब तक की जब्तगी और गिरफ्तारी
ऑपरेशन प्रहार के तहत कुल 13 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
बरामदगी में कुल 19 अवैध हथियार और 358 कारतूस शामिल हैं।
बड़ी संख्या में फर्जी तथा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बेसब्री से जांच के लिए कब्जे में लिए गए हैं।
STF के अधिकारीयों ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और नेटवर्क के तारों का पता लगाने के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया, डिजिटल और फिजिकल दस्तावेजों की सत्यता तथा इस जाल में शामिल अन्य लोगों के कनेक्शन की जांच तेज कर दी गई है। अधिकारीयों ने चेतावनी दी है कि फर्जी लाइसेंस रखने वाले लोग स्वयं ससम्मान आत्मसमर्पण कर लें; अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फर्जी लाइसेंस नेटवर्क सामान्य नागरिकों और कानून व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं, क्योंकि इनसे अवैध हथियारों की आपूर्ति आसान होती है। STF अगले चरण में फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने वाले स्रोतों, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और संपृक्त अधिकारियों-इंटरमीडियरीज की पहचान पर ध्यान दे रही है।
STF ने आम जनता से भी अपील की है कि अगर किसी को संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस या अवैध हथियारों के लेनदेन की जानकारी हो तो वह नज़दीकी पुलिस थाने या STF को सूचित करे।
