उत्तराखण्ड
राज्यपाल ने की चारधाम यात्रा‑2026 की तैयारियों की समीक्षा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को दी शीर्ष प्राथमिकता,,
पवनीत सिंह बिंद्रा
लोक भवन, देहरादून – 16 अप्रैल, 2026 उत्तराखण्ड राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को लोक भवन, देहरादून में चारधाम यात्रा‑2026 की तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही चारधाम यात्रा से जुड़े जिलपदों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं अन्य विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।राज्यपाल ने चारधाम यात्रा को केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक उत्तरदायित्व बताते हुए अधिकारियों से यह जिम्मेदारी “9 से 5 बजे तक की ड्यूटी” के रूप में नहीं, बल्कि पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ निभाने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रद्धालुओं का स्वागत, सेवा एवं आतिथ्य ऐसे हो कि वे यात्रा से सुखद एवं अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटें।राज्यपाल ने साइबर अपराधों, विशेष रूप से फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग, अत्यधिक दर वसूली और होटल बुकिंग धोखाधड़ी जैसे मामलों पर निगरानी एवं सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यक सेवाओं की कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक एवं नकारात्मक सूचनाओं पर नियंत्रण के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने तथा यात्रा प्रबंधन में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।राज्यपाल ने यात्रा से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की बात कहते हुए स्वयं सहायता समूहों, होमस्टे संचालकों एवं स्थानीय उद्यमियों को विशेष रूप से लाभान्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने यात्रा को सहज, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताया और सभी संभावित आकस्मिक परिस्थितियों के लिए पूर्व तैयारी व वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।स्वास्थ्य सेवाओं को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर त्वरित उपचार एवं रेस्क्यू व्यवस्था सहित सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं निगरानी तथा हृदय संबंधी समस्याओं के प्रति विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए। राज्यपाल ने जिला प्रशासन को इस पूरी व्यवस्था की धुरी मानते हुए जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने को कहा और पूर्व सैनिक, रेड क्रॉस, एनसीसी एवं एनएसएस जैसे संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने को भी निर्देश दिया।इस बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रामन, पंकज पाण्डेय, डॉ. बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम, रणवीर सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल, विधि परामर्शी राज्यपाल कौशल किशोर शुक्ल, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव आशीष चौहान, रोहित मीणा, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित चारधाम यात्रा से जुड़े विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
















