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उत्तराखण्ड

सुप्रीम कोर्ट ने हल्द्वानी दंगा मामले में दो मुख्य आरोपी की डिफॉल्ट जमानत रद्द की, दो सप्ताह में समर्पण का आदेश

 

नई दिल्ली, 5 मई 2026: सुप्रीम कोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा दंगा मामले में दो मुख्य आरोपी जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब की डिफॉल्ट जमानत रद्द कर दी। माननीय जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने 4 मई को सुनवाई के बाद नैनीताल उच्च न्यायालय के आदेश को पलट दिया।

दंगा घटना का विवरण

8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हुई हिंसा में भीड़ ने गोलीबारी, पत्थरबाजी, पेट्रोल बम फेंके, पुलिस वाहनों को आग लगाई और महिला कांस्टेबलों को पुलिस स्टेशन में कैद कर उसे जलाने की कोशिश की। इस घटना पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं, यूएपीए की धारा 15-16 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/4/7/25 के तहत तीन एफआईआर दर्ज हुईं।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां

कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने जांच पर गलत टिप्पणियां कीं और तथ्य गलत बताए। अपराध की गंभीरता व बड़ी संख्या में आरोपी-गवाहों के बावजूद जांच तत्परता से चली। आरोपी ने समय विस्तार के आदेशों को समय पर चुनौती न देकर अपना अधिकार खो दिया। पीठ ने आरोपी को दो सप्ताह में ट्रायल कोर्ट में समर्पण का आदेश दिया, वरना कठोर कार्रवाई होगी।

राज्य का पक्ष मजबूत

राज्य की ओर से उप महाधिवक्ता जतिंदर कुमार सेठी व स्टैंडिंग काउंसल अशुतोष कुमार शर्मा ने पैरवी की। आरोपी का पक्ष सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ अग्रवाल ने संभाला। राज्य अभियोजन इसे बड़ी जीत बता रहा है, क्योंकि दंगाइयों ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ पुलिस पर ही हमला बोला था। पुलिस विभाग को सर्वोच्च न्यायालय की सराहना से मनोबल बढ़ा।

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