उत्तराखण्ड
जनप्रतिनिधियों, सिविल सोसायटी और प्रशासन से सचिव मुख्यमंत्री का संवाद, फील्ड विजिट को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, राजस्व और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. पाण्डेय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जमीनी स्तर पर आकलन कर जनसमस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सचिव स्तर के अधिकारी, मंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी नियमित रूप से जिलों का भ्रमण कर विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। इसी क्रम में उन्होंने पिथौरागढ़ में विकास कार्यों और राजस्व विभाग की समीक्षा कर विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए।
डॉ. पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड विजिट को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यदि सप्ताह में छह कार्य दिवस हैं तो कम से कम दो दिन अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर विकास कार्यों और योजनाओं का निरीक्षण करना चाहिए। इससे जनता से सीधा संवाद स्थापित होगा और योजनाओं के वास्तविक प्रभाव तथा कार्यों की गुणवत्ता का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सभी विभागों को “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टीकरण” के मूल मंत्र के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
सचिव मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विभागों की प्रगति संतोषजनक है, जबकि कुछ विभागों को अपने कार्यों में और अधिक गति और गुणवत्ता सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई को विभिन्न विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने तथा उनमें जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत जितेन्द्र प्रसाद, मेयर कल्पना देवलाल, दर्जा राज्यमंत्री गणेश भंडारी, ब्लॉक प्रमुख महिमन कन्याल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजेन्द्र रावत तथा उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
