उत्तराखण्ड
नैनीताल: राज्यपाल ने विमोचित की पुस्तक और AI Heritage & Tourism App, कहा — “विरासत व नवाचार मिलकर बनेगा विकसित भारत”

राज्यपाल ने बताया कि लोक भवन केवल एक स्थापत्य संरचना नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्मृतियों का जीवंत केंद्र है। उन्होंने कहा कि लगभग 125 वर्ष पूर्व कठिन परिस्थितियों में निर्मित यह भवन मानव संकल्प, परिश्रम और दूरदर्शिता का प्रेरणास्पद उदाहरण है। यह पुस्तक केवल राजभवन के निर्माण का इतिहास नहीं, बल्कि नैनीताल की सांस्कृतिक यात्रा, उत्तराखण्ड की विरासत तथा तत्कालीन सामाजिक परिवेश का भी दस्तावेज है। पुस्तक के लेखक वरिष्ठ पत्रकार व शोधकर्ता डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को राज्यपाल ने इस महत्वपूर्ण कार्य पर बधाई दी।
AI Heritage & Tourism App के बारे में बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग केवल सुविधा के लिए नहीं, बल्कि संस्कृति और इतिहास के संरक्षण के लिए भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐप लोक भवन, नैनीताल और उत्तराखण्ड की समृद्ध विरासत को डिजिटल रूप में जन-जन तक पहुंचाने का अभिनव माध्यम है। ऐप में AI Heritage Guide, Smart Itinerary Planner और Interactive Time Capsule जैसी विशेषताएँ शामिल हैं, जिनसे पर्यटक और शोधार्थी ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और अपनी रुचि के अनुसार यात्रा योजना बना सकेंगे।
राज्यपाल ने विशेष रूप से “Hidden Gems” फीचर का उल्लेख किया और कहा कि इसके माध्यम से स्थानीय नागरिक अपने क्षेत्र के कम प्रसिद्ध परन्तु महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों की जानकारी साझा कर सकेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों और छोटे व्यवसायों को भी लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, लोक परंपराओं, आस्था और प्राकृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है; इसलिए पर्यटन के ऐसे मॉडल को बढ़ावा देना चाहिए जो संवेदनशील, उत्तरदायी और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाते हों।
राज्यपाल ने विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए कहा कि यह संकल्प केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता, तकनीकी क्षमता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता पर भी केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज विमोचित पुस्तक हमें अतीत से जोड़ती है, जबकि AI एप भविष्य की दिशा दिखाता है, और दोनों मिलकर ऐसे राष्ट्र का चित्र प्रस्तुत करते हैं जो अपनी विरासत पर गर्व करता है और नवाचार के साथ आगे बढ़ता है।
कार्यक्रम में वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, पुस्तक के लेखक डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, एप के निर्माता सिद्धार्थ माधव, प्रकाशक संतोष सिंह तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
