उत्तराखण्ड
राजपुरा गौशाला की बदहाल व्यवस्था पर भड़के विधायक सुमित हृदयेश, सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी

विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि गौशाला केवल एक भवन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गौवंश की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार करने, नियमित साफ-सफाई, बेहतर जल निकासी, समय पर चिकित्सा सुविधा तथा गौवंश की समुचित देखभाल के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कांग्रेस जिला महामंत्री मलय बिष्ट और पार्षद प्रतिनिधि हेमंत साहू ने कहा कि गौसेवा केवल नारे लगाने से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने से होती है। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम गौवंश की उचित देखभाल करने में असमर्थ है, तो उन्हें बदहाल गौशालाओं में रखने के बजाय मुक्त कर देना चाहिए।
पार्षद प्रीति आर्या ने आरोप लगाया कि गौवंश को पर्याप्त मात्रा में चारा नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण गायें भूख से तड़प रही हैं। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक स्थिति बताया।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम प्रशासन ने शीघ्र ही गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया, तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
निरीक्षण के दौरान राजन टंडन, त्रिलोक बनौली, सुमित कुमार, संजय शेखर, अमित रावत, सचिन गुप्ता, सूरज प्रकाश सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


