Connect with us

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड लोक भवन में यूपी, त्रिपुरा, मणिपुर व मेघालय के स्थापना दिवस उत्साह से मनाए गए,,

देहरादून 22 जनवरी, 2026‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत लोक भवन में विभिन्न राज्यों के राज्य स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाए गए। इसी क्रम में इस सप्ताह पड़ने वाले उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर एवं मेघालय राज्य के स्थापना दिवस मनाए गए जिनमें राज्यों से आए कलाकारों द्वारा अपनी-अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें भारत की विविधता में निहित एकता सजीव रूप में परिलक्षित हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने संबंधित राज्यों के प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि भारत की आत्मा, चेतना, सांस्कृतिक विविधता और भविष्य पर चिंतन का अवसर है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय भारत की संघीय संरचना के सशक्त स्तंभ हैं, जो देश की विविधता में निहित एकता को सुदृढ़ करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और विश्व गुरु बनने का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब देश में एकता, समरसता और ‘‘एक भारत’’ की भावना को और अधिक सशक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में एकता’’ है। हमारी सभ्यता, संस्कृति, लोकगीत, नृत्य, साहित्य और कला हमारी पहचान हैं, जो देश को एक सूत्र में बाँधते हैं। राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश को भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बताते हुए कहा कि अयोध्या, काशी और प्रयागराज जैसी पावन भूमि से लेकर आधुनिक विकास के नए आयामों तक, इस राज्य ने सदैव राष्ट्र को दिशा प्रदान की है। उन्होंने त्रिपुरा की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक समरसता की सराहना करते हुए इसे विविधता में एकता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। मणिपुर को साहस, वीरता और खेल प्रतिभाओं की भूमि बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस राज्य ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है। वहीं मेघालय की प्राकृतिक सुंदरता, संगीत, पर्यावरणीय चेतना और सतत विकास मॉडल की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करता है। राज्यपाल ने अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय में सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय के लिए यह आवश्यक है कि हम एक-दूसरे को जानें, समझें और सम्मान करें। भारत की विविधता ही उसकी वास्तविक सुंदरता है।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक श्रीमती सविता कपूर, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश श्रीमती अपर्णा यादव, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, प्रमुख सचिव न्याय अमित कुमार सिरोही, सचिव प्रोटोकॉल श्री विनोद कुमार सुमन, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, अपर सचिव राज्यपाल श्रीमती रीना जोशी, सहित इन राज्यों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page