उत्तराखण्ड
पाँच साल की परेशानी खत्म: सिरोड़ी में समाजसेवी दंपति ने अपने खर्च पर बनाया वैकल्पिक पुल

भवाली। पहाड़ों में सड़क और पुल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव ग्रामीण जीवन को लंबे समय से कठिन बनाता रहा है। नैनीताल जिले के बेतालघाट विकासखंड अंतर्गत सिरोड़ी ग्रामसभा के मछली डिग्गी तोक में एक समाजसेवी दंपति ने मिसाल पेश करते हुए अपने निजी संसाधनों से ग्रामीणों के लिए शिप्रा नदी पर वैकल्पिक पुल का निर्माण कराया है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 की आपदा में क्षेत्र का पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद पिछले पांच वर्षों से मछली डिग्गी तोक के ग्रामीणों को बाजार, स्कूल और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए नदी पार करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बरसात के मौसम में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती थी।
क्षेत्र पंचायत सदस्य नीलम मेहरा ने अपने पति एवं समाजसेवी बालम मेहरा के साथ मिलकर ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए स्वयं के खर्च पर शिप्रा नदी के ऊपर वैकल्पिक पुल का निर्माण कराया। पुल बनने से अब स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को नदी के बीच से होकर आवाजाही नहीं करनी पड़ेगी।
नीलम मेहरा ने बताया कि चुनाव के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्या के समाधान का वादा किया था। इसी वचन को निभाते हुए उन्होंने अपने पति के सहयोग से यह पुल बनवाया है, जिससे विशेष रूप से बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिलेगी।
समाजसेवी बालम सिंह मेहरा ने कहा कि जनता से किया गया वादा पूरा करना उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहेंगे।
इस अवसर पर बालम सिंह बिष्ट, जमन सिंह बिष्ट, केशर सिंह, जीवन सिंह, गोविंद, मनोहर सिंह ढेला, खजान भट्ट, पंकज अद्वेती, पवन भाकुनी, कंचन साह, जुगल मठपाल, सुरेश चंद्र, प्रेम सिंह, खष्टी बिष्ट, कमला बिष्ट, तारा टकवाल, यशवंत बिष्ट सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने समाजसेवी दंपति के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए बड़ी राहत बताया है।
